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अलीगढ़ : नाला सफाई में 'खेल', बारिश में झेलना पड़ेगा जलभराव

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सफाई न होने से कूड़े से अटा सारसौल चौराहे स्थित नाला। - फोटो : CITY OFFICE
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नालों की सफाई समुचित तरीके से न होने के कारण शहर का हर चौथा व्यक्ति बारिश के दिनों में जलभराव के कारण परेशान होता है। इन दिनों शहर की आबादी करीब 20 लाख है, जिसमें से सीधे तौर पर करीब पांच लाख लोगों को इस साल भी बारिश में जलभराव की समस्या से जूझना पड़ सकता है। तमाम शिकायतों के बावजूद नगर निगम के अधिकारी इस ओर ध्यान नहीं दे रहे हैं। शहर में कुछ जगहों पर नाला सफाई के नाम पर खानापूरी की जा रही है। स्थिति यह है कि करीब 90 किलोमीटर लंबाई में ये नाले गंदगी, पॉलिथीन और कूड़े के कारण चोक हैं, जबकि नगर निगम की ओर से कई जगहों के नालों की सफाई का दावा किया जा रहा है।
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एक महीने बाद जून के अंतिम सप्ताह में मानसून की संभावना जताई जा रही है। लेकिन शहर में अधिकांश जगहों पर नाले गंदगी से अटे पड़े हैं। इस बारे में नागरिकों ने नगर निगम के अधिकारियों से कई बार अनुरोध किया है लेकिन सुनवाई नहीं हो रही है। नागरिकों का कहना है कि इन नालों की तलीझाड़ सफाई हो जाए तो काफी हद तक जलभराव की समस्या से निजात मिल सकती है। कई छोटे नाले भी हैं, जिनको निगम ने सफाई कराने की सूची में शामिल नहीं किया है, जबकि उनमें कूड़ा भरा होने के कारण जलभराव की समस्या रहती है।
शहर में इन इलाकों में होता है जलभराव
इन दिनों सबसे ज्यादा बुरा हाल रामघाट रोड, सर सैयद नगर, स्टेशन रोड, बैकुंठनगर गुरुद्वारा रोड, छर्रा अड्डा, सुरेंद्र नगर, सुदामापुरी, भुजपुरा, पला रोड, लड़िया, शाहजमाल, आगरा रोड, देहलीगेट, गूलर रोड, पठान मोहल्ला, रेलवे रोड, पत्थर बाजार, महावीरगंज, कनवरीगंज, नौरंगाबाद छावनी, रावणटीला, सुरेंद्र नगर, चंदनिया, बेगमबाग आदि।
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इन इलाकों में अतिक्रमण बन रहा बाधक
शहर में रामघाट रोड, मदारगेट, अचलताल, रसलगंज, बारहद्वारी, सर सैयद नगर, दोदपुर सहित कई स्थानों पर लोगों ने नालों को सीमेंट और पत्थरों से पाट दिया है। उनके ऊपर दुकानें भी बना दी हैं। पहले से ही नगर निगम सफाई के नाम पर खाना पूरी करता रहा है, इस कारण इन स्थानों पर नगर निगम के अधिकारी सफाई नहीं करा पा रहे हैं।
ये हैं नाले
नाला लंबाई मीटर में
तालसपुर से पीएसी 5000
जीवनगढ़ से एटा रोड आईएमटी 8000
एटा चुंगी से क्वार्सी बाईपास 3500
रसलगंज से सराय रहमान 1500
सासनीगेट से हाथरस अड्डा होकर मदारगेट 4000
रामघाट रोड पर मीनाक्षी पुल से किशनपुर तिराहा 3000
इकरा कॉलोनी से धौर्रामाफी पुलिया 1500
धौर्रामाफी पुलिया से अनूपशहर रोड पुलिया 1000
जाफरी ड्रेन अनूपशहर रोड की पुलिया से मौलाना आजाद नगर 1250
कबीर कॉलोनी से शमशाद मार्केट 1800
फिरदौस नगर रेलवे क्रासिंग से बरौला बाईपास 1600
जाफरी ड्रेन की पुलिया से जमालपुर फाटक 1200
बादामनगर चौराहे से बाईपास तक 2000
दोदपुर नगला मल्लाह से क्वार्सी चुंगी 1500
मौलाना आजाद नगर से रामनगर रेलवे क्रासिंग 0750
जमालपुर जाफरी ड्रेन की पुलिया कबीर नगर कॉलोनी 0500
रिटायर कमिश्नर की कोठी से जाफरी ड्रेन पुलिया तक 0700
पुरानी चुंगी से रेलवे क्रासिंग तक 0400
बारहद्वारी से रसलगंज तक 2000
हर साल नालों की सफाई के नाम पर नगर निगम के अधिकारी दो से ढाई करोड़ रुपये कागजों में खर्च करते रहे हैं। वास्तविकता यह है कि नालों की सफाई के नाम पर औपचारिकताएं निभाई जा रही हैं, जिसके कारण थोड़ी सी बारिश में जलभराव हो जाता है। - करन सैनी, श्यामनगर
निगम की टीम को हर नाले की तलीझाड़ सफाई करानी चाहिए, जिससे कि बारिश का पानी नालों से होकर नहर और नदियों में बिना रुकावट से निकल सके। यह काम एक महीने के अंदर पूरा करा लिया जाएगा तो बेहतर होगा, अन्यथा इस साल भी जलभराव की समस्या से जूझना पड़ेगा। - तुषार बंसल, नौरंगाबाद
शहर के कई इलाकों में नालों पर अतिक्रमण है, जिसे हटाए बिना इन नालों को ठीक से साफ नहीं किया जा सकता है। ऐसे में नगर निगम के अधिकारियों को चाहिए कि वह पहले नालों पर बने निर्माण और अतिक्रमण को हटाएं, उसके बाद इन नालों की सफाई हो। - शाहिद, मामू भांजा
नगर निगम की टीम नालों की सफाई में जुटी हुई है। हमारी पूरी कोशिश है कि नालों की ठीक से सफाई हो, जिससे कि बारिश का पानी शहर में न रुके और जलभराव से राहत मिले। इसकी हर तीन दिन में उच्च अधिकारियों के स्तर पर समीक्षा की जा रही है।
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अपर नगर आयुक्त, अरुण कुमार गुप्त
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