खैर के अंडला में बसने जा रहे डिफेंस कॉरिडोर के लिए यूपीडा व जिला प्रशासन ने इकाई स्थापना के लिए यहां 14 कंपनियों को प्रथम चरण में भूमि आवंटन का मसौदा पांच माह पहले तैयार कर लिया है। मगर, अभी तक एक भी आवंटी जमीन का बैनामा कराने नहीं आया है। रजिस्ट्री विभाग को आवंटियों के आने का इंतजार है। बैनामे न होने के पीछे कोरोना की दूसरी लहर को जिम्मेदार माना जा रहा है। यूपीडा व जिला प्रशासन ने बैनामे की प्रक्रिया पूरी करने के लिए आवंटियों से संपर्क करना शुरू कर दिया है।
जनवरी माह में यूपीडा ने जिला प्रशासन को भेजे एक पत्र में कहा था कि कुल 14 कंपनियों को प्रथम चरण में भूमि का आवंटन किया जाना है। इनमें से 8 कंपनियों के पक्ष में प्रथम चरण में लीज डीड की तैयारी पूरी की गई है। किस कंपनी को कितनी जमीन दी जानी है, उसका भूखंड संख्या और कुल भूमि मूल्य सहित प्लान तैयार हुआ। रजिस्ट्री विभाग को आवंटियों के नाम पर बैनामा करना। मगर, अभी तक एक भी आवंटी नहीं आया है। इसके पीछे कोरोना की दूसरी लहर को जिम्मेदार बताया जा रहा है।
आवंटियों को स्टांप शुल्क में मिलेगी छूट
जीएम डीआईसी श्रीनाथ पासवान ने बताया कि डिफेंस कॉरिडोर में जो भी इकाई स्थापित होने जा रही हैं, उनको उत्तर प्रदेश औद्योगिक निवेश नीति 2012 के तहत स्थापित कराया जाएगा। इसमें आवंटियों यानी कंपनियों को कुल स्टांप शुल्क में से 75 प्रतिशत स्टांप शुल्क की छूट मिल जाएगी। इसकी विधिक प्रक्रिया यह है कि यूपीडा और आवंटियों के बीच इकाई स्थापना के लिए एक समय-सीमा निर्धारित होगी, जो कि अधिकतम पांच साल की हो सकती है। इस अवधि के लिए जीएम डीआईसी कार्यालय की ओर से आवंटियों के पक्ष में एक सर्टिफिकेट जारी किया जाएगा। साथ ही आवंटियों को इस अवधि में 75 प्रतिशत स्टांप शुल्क की राशि के बराबर की बैंक गारंटी देनी होगी। जैसे ही कंपनी निर्धारित अवधि में इकाई स्थापित कर लेगी, उनको बैंक गारंटी से छुटकारा मिल जाएगा। अगर, निर्धारित अवधि में इकाई स्थापित नहीं होती है, तो प्रशासन उक्त बैंक गारंटी को जब्त कर लेगा।
सड़क किनारे 6500 और अंदर की भूमि की 2300 रुपये प्रति वर्ग मीटर है सर्किल रेट
एआईजी स्टांप ज्ञानेंद्र कुमार ने बताया कि अंडला में सड़क किनारे की अकृषक भूमि की सर्किल दर 6500 और अंदर की भूमि के लिए 2300 रुपये प्रति वर्ग मीटर सर्किल रेट हैं। भूमि के कुल मालियत मूल्य के हिसाब से सात प्रतिशत का स्टांप लगता है। इसमें से दो प्रतिशत विकास शुल्क होता है। वहीं, इसके अलावा एक प्रतिशत के हिसाब से निबंधन शुल्क लगता है। अभी तक एक भी आवंटी खैर तहसील के रजिस्ट्री कार्यालय में बैनामे के लिए नहीं पहुंचा है। आवंटियों के आने पर ही बैनामे की प्रक्रिया पूरी होगी।
इन इकाइयों के लिए तय हुई भूमि
इकाई का नाम भूमि (हे. में) भूखंड संख्या
ऐलिन एंड एलवन 8.00 02
पीबीएम इंड्रस्ट्री 0.40 03
नित्या क्रिएिशन 1.50 04
दीप एक्सपो 1.00 05
श्रीदा उद्योग 1.00 06
प्रिसिशन प्रोडक्ट 1.00 07
कोबरा इंड्रस्ट्री 0.25 10
वेरिवीन डिफेंस 0.50 12