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इनके पास है डिग्रियों का खजाना: उम्र 64 साल, 15 विषयों में है मास्टर डिग्री, पीएचडी के साथ कर रखे डिप्लोमा

Thu, 05 Sep 2024 03:28 PM IST
चमन शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, अलीगढ़

सार

डॉ. जहीर अहमद ने बताया कि अलग-अलग विषयों की पढ़ाई करने का मकसद सिर्फ जानकारी हासिल करना है। अलग-अलग विषयों को पढ़ने में आनंद आया। साथ ही ऐसी भी जानकारी मिली, जिससे वह अनजान थे।
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सेवानिवृत्त प्रधानाचार्य मौलाना डॉ. जहीर अहमद - फोटो : संवाद
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एक ऐसा उस्ताद, जिसने इल्म से याराना करके डिग्रियों का खजाना बना लिया है। 64 साल के उम्र में भी तालीम हासिल करने में उनकी दिलचस्पी बरकरार है। ये हैं सेवानिवृत्त प्रधानाचार्य मौलाना डॉ. जहीर अहमद, जिन्होंने 15 विषयों में मास्टर डिग्री ले रखी है। इसके साथ ही पीएचडी, मौलवी के साथ सर्टिफिकेट और डिप्लोमा कोर्स भी कर रखा है।

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वर्ष 1982 में डॉ. जहीर अहमद (64) ने एएमयू से एम.कॉम किया था। इसके बाद बुलंदशहर के मुस्लिम इंटर कॉलेज में प्रवक्ता के रूप में उन्हें नौकरी मिल गई। पढ़ाने के दौरान वह पढ़ते भी रहे। चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय मेरठ से उन्होंने परास्नातक में अलग-अलग 15 विषयों में पढ़ाई की और डिग्री हासिल की। वह 31 मार्च 2022 में अपने पद से सेवानिवृत्त हो गए। वर्ष 2024 में उन्होंने एलएलएम की पढ़ाई पूरी की। अब वह एमएड कर रहे हैं।
इसलिए ले रहे तालीम

डॉ. जहीर अहमद ने बताया कि अलग-अलग विषयों की पढ़ाई करने का मकसद सिर्फ जानकारी हासिल करना है। पढ़ाई के मर्म को समझना है। उन्होंने कहा कि अलग-अलग विषयों को पढ़ने में आनंद आया। साथ ही ऐसी भी जानकारी मिली, जिससे वह अनजान थे। खास बात ये है कि उनके पास कक्षा एक से अब तक की सारी डिग्रियां हैं।
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इन विषयों में ली मास्टर डिग्री
वाणिज्य, अर्थशास्त्र, अंग्रेजी, उर्दू, हिंदी, संस्कृत, शिक्षाशास्त्र, समाजशास्त्र, इतिहास, राजनीति विज्ञान, दर्शनशास्त्र, लोक प्रशासन, एमबीए, एम.लिब, एलएलएम।

इस पाठ्यक्रम में भी की पढ़ाई
सर्टिफिकेट इन अरबी, अरबी में डिप्लोमा, सांख्यिकी में डिप्लोमा, ग्रामीण विकास में परास्नातक डिप्लोमा, मौलवी, अदीब-ए-कामिल, मोअल्लिम उर्दू, फाजिल (आलिम)।

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