फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

राष्ट्रीय डेंगू दिवस : डेंगू से डरें नहीं, सिर्फ सावधानी है जरूरी

विज्ञापन
विज्ञापन
महानगर में मच्छरों का प्रकोप है। मच्छर के काटने से डेंगू, मलेरिया, फाइलेरिया जैसी बीमारियां होती हैं, मगर ध्यान देने की बात यह है कि हर बुखार डेंगू नहीं होता है। डेंगू हो भी जाए तो डरने की जरूरत नहीं, बल्कि सावधान रहने की जरूरत है, क्योंकि डेंगू में सिर्फ तीन या चार फीसदी मामले ही गंभीर होते हैं। जनपद में हर साल एक हजार लोग डेंगू की चपेट में आते हैं।
विज्ञापन

स्वास्थ्य विभाग द्वारा 16 मई को हर वर्ष राष्ट्रीय डेंगू दिवस मनाया जाता है। 2019 के मुकाबले 2020 में जहां चार फीसदी मरीजों की संख्या घटी थी, वहीं 2020 के मुकाबले 2021 में 40 फीसदी मरीजों के आंकड़ों में इजाफा हुआ। 2019 में 1041, 2020 में 999 और 2021 में 1407 मरीज डेंगू पॉजिटिव मिले थे। जनपद में फिर से डेंगू का प्रकोप न फैले, इसीलिए सभी को जागरूक रहने की जरूरत है।
ये करें उपाय
- डेंगू के मच्छर दिन में काटते हैं। घरों में कीटनाशक का छिड़काव करें।
- कूलर, बाल्टी, फ्लावर पॉट, घड़े आदि जगह एकत्रित पानी को बदलते रहें, क्योंकि डेंगू मच्छर साफ पानी में अंडे देता है।
- शरीर पर मच्छर निरोधक औषधियों, नीम का तेल, सरसों का तेल लगाएं।
- घर के आसपास पानी एकत्रित होने वाले स्थानों को मिट्टी से भर दें।
- अगर तेज बुखार एवं जोड़ों में दर्द, सिर दर्द, पेट दर्द एवं उल्टी, शरीर पर दाने तथा मुंह अथवा नाक से खून आने की शिकायत हो तो तत्काल चिकित्सकों से परामर्श लें। खून की जांच जरूरी है।
विज्ञापन

रैली से लोगों को किया गया जागरूक
अलीगढ़। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. नीरज त्यागी के निर्देशन पर जिला मलेरिया अधिकारी डॉ. राहुल कुलश्रेष्ठ के नेतृत्व में रविवार को मलेरिया व डेंगू रोधी अभियान के तहत जन जागरूकता रैली निकाली गई। यह रैली डेंगू संवेदनशील क्षेत्र रसलगंज, सराय हकीम, रेलवे रोड आदि जगह पहुंची। लोगों को डेंगू से बचाव के लिए जागरूक किया गया। जिला अस्पताल में 50 बेड आरक्षित करने की व्यवस्था की गई। साथ ही आठ टीमों ने डेंगू के लार्वा रोधी दवा का छिड़काव भी किया। इस मौके पर राजेश गुप्ता, उमा आदि मौजूद रहे। ब्यूरो
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें