इसी क्रम में जिला पंचायत वार्ड 12 के सदस्य एवं बसपा नेता फारुख अहमद ने सदन में भाजपा की वाहवाही करने पर एतराज जताया। उन्होंने कहा कि चुनाव हो चुका है, अब जिला पंचायत अध्यक्ष सभी की अध्यक्ष हैं। इसलिए इस कुर्सी को पार्टी विशेष का न बना कर सदन की गरिमा के अनुसार रखा जाए। इस बीच बैठक को समाप्त कर दिया गया। जिला पंचायत सदस्यों और ब्लाक प्रमुखों को इसकी शिकायत रही कि उन्हें अपनी बात रखने का मौका नहीं दिया गया।
इस दौरान लिखित एजेंडे के अनुसार 12 जुलाई 2021 की बैठक की कार्यवाही की पुष्टि की गई। आकस्मिक व्यय नियमावली के तहत पांच हजार रुपये तक के व्यय की स्वीकृति का अधिकार जिला पंचायत अध्यक्ष को दिया गया। विभिन्न योजनाओं के अंतर्गत उत्तर प्रदेश क्षेत्र पंचायत और जिला पंचायत निर्माण नियमावली 1984 के नियम 26 के तहत 10 हजार से अधिक लागत तक के निर्माण कार्य के ठेके स्वीकृत करने का अधिकार जिला पंचायत अध्यक्ष को दिया गया।
राज्य वित्त आयोग एवं 15वें वित्त के अंतर्गत अवशेष धनराशि एवं वर्ष 2021-22 में प्राप्त होने वाली धनराशि से कराए जाने वाले कार्यों के अनुमोदन पर विचार हुआ। वित्तीय वर्ष 2019-20 और 2020-21 के लिए जिला पंचायत के संपत्ति एवं कर निर्धारण पर विचार कराने का प्रस्ताव पास हुआ।
यहां पर बरौली विधायक ठा. दलवीर सिंह, इगलास विधायक राजकुमार सहयोगी, भाजपा बृज क्षेत्र के उपाध्यक्ष ठा. श्यौराज सिंह, एटा सांसद राजवीर सिंह राजू के दामाद प्रवीण राज सिंह, पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष चौ. सुधीर सिंह, ब्लाक प्रमुख हरेंद्र सिंह सहित अन्य प्रमुख मौजूद रहे। सभी उपस्थित ब्लाक प्रमुख को सीएम योगी आदित्यनाथ की ओर से बधाई पत्र सौंपे गए।
जो जिपं सदस्य नहीं थे, उन्होंने संभाला मंच
जिला पंचायत की बोर्ड बैठक को पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष चौ. सुधीर सिंह, जिला पंचायत अध्यक्ष विजय सिंह के बेटे प्रवीण राज सिंह, विजय सिंह के पति श्यौराज सिंह ने मंच से संचालित किया। इनमें से वर्तमान में कोई भी जिला पंचायत सदस्य, ब्लॉक प्रमुख या विधायक नहीं थे। जिपं अध्यक्ष ने केवल दो मिनट का संबोधन कर धन्यवाद ज्ञापित किया। हालांकि बैठक के एजेंडा के नोट में ये स्पष्ट लिखा था कि जिपं सदस्य स्वयं प्रतिभाग करें। अपने किसी प्रतिनिधि को न भेजें। इस दौरान राज्य मंत्री संदीप सिंह, सांसद सतीश गौतम, एमएलसी ठा. जयवीर सिंह, एमएलसी मानवेंद्र प्रताप सिंह, विधायक संजीव राजा, अनिल पाराशर, अनूप प्रधान, पूर्व अध्यक्ष उपेंद्र सिंह नीटू की अनुपस्थिति भी चर्चा में रही।