सुविख्यात इतिहासकार प्रो. इरफान हबीब ने कहा कि देश में एएमयू ऐसी यूनिवर्सिटी है, जहां लड़कियों के साथ भेदभाव किया जाता है। यह भेदभाव खत्म होना चाहिए।
रविवार दोपहर एएमयू इम्प्लाइज यूनियन के कार्यालय में ऑल इंडिया स्टूडेंट फेडरेशन ऑफ इंडिया (एआईएसएफ) के सेमिनार को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि यहां की लड़कियों के लिए हॉस्टल में स्पेस लड़कों की तुलना में कम है। विश्वविद्यालय में लड़कियों का एडमिशन 75 प्रतिशत एवं लड़कों का एडमिशन 65 प्रतिशत पर होता है। उन्होंने कहा कि आज की तरह पहले डेमोक्रेसी पर हमला कभी नहीं हुआ।
पंडित नेहरू ने उनके साथियों को जेल में डाला था। उस समय संघर्ष था और सहमति भी थी। लेकिन आज की सरकार से किसी भी मुद्दे पर हमारी सहमति नहीं है। उन्होंने सरदार पटेल का उल्लेख करते हुए कहा कि भले आरएसएस पर गांधी की हत्या के आरोप साबित नहीं हुए, लेकिन गांधी की हत्या पर मिठाई बांटने के सबूत मिलते हैं।
आरएसएस मुसलमानों का कातिल है ही और आज देश में कातिलों की पार्टी राज कर रही है। इरफान हबीब के इस बयान के बाद विवि में सरगर्मी बढ़ने के साथ कुलपति के सामने भी बड़ा सवाल खड़ा हो गया है।