कुलपति ले. जनरल (सेवानिवृत्त) जमीरउद्दीन शाह ने कहा कि एएमयू में किसी भी तरह की वित्तीय, प्रशासनिक एवं अकादमिक गड़बड़ी नहीं हुई है।
बता दें कि एएमयू वीसी जमीरउद्दीन शाह के खिलाफ राष्ट्रपति प्रणव मुखर्जी की ओर से जांच की मंजूरी दी गई है। राष्ट्रपति (एएमयू विजिटर) ने यह मंजूरी मानव संसाधन विकास मंत्रालय के प्रस्ताव पर दी है। पत्रकारों से बातचीत में वीसी जमीरउद्दीन शाह ने राष्ट्रपति के फैसले का स्वागत किया और कहा कि जांच में सब कुछ साफ हो जाएगा।
उन्होंने किसी का नाम लिए बगैर कहा कि एएमयू एग्जीक्यूटिव काउंसिल के एक पूर्व सदस्य एवं एक निलंबित शिक्षक ने उनके खिलाफ शिकायत की है। यह सब जानते हैं कि ईसी सदस्य पर गलत ट्रेवल क्लेम का आरोप लगा था और उसकी जांच हुई थी।
इसी तरह क्लास न लेने वाले शिक्षक को निलंबित किया था। नियुक्ति में गड़बड़ी के सवाल पर उन्होंने कहा कि एएमयू की जमीन पर भूमाफियाओं की नजर है। इसलिए स्थायी सुरक्षा अधिकारी नियुक्त करना चाहते हैं।
उन्होंने कहा कि ईसी से परमिशन लेकर छात्रों के 51 लाख रुपये स्कूल निर्माण के लिए दिया गया था। वहां पर करोड़ों की लागत से बिल्डिंग बन कर तैयार है। उल्लेखनीय है कि पूर्व ईसी सदस्य एवं पूर्व राज्यसभा सांसद वसीम अहमद ने केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्रालय से वीसी की शिकायत की थी।
शिकायत में उन्होंने वीसी पर वित्तीय, प्रशासनिक एवं अकादमिक अनियमितता का गंभीर आरोप लगाया था।