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डेंगू को लेकर विभाग अलर्ट, पांच पैथलोजी लैब को नोटिस

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जिला अस्प्ताल में डेंगू से बचाव के लिए फॉगिंग मशीन का परीक्षण करते कर्मचारी। - फोटो : CITY OFFICE
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डेंगू को लेकर जिले में स्थिति यह बन रही है कि जिलाधिकारी स्वयं सभी विभागों की बैठक कर कमान संभाल रहे हैं। डीएम वार रूम को डेंगू कंट्रोल रूम बना दिया है। वहीं डीएम की बैठक में सीएमओ ने यह बताया कि डेंगू से अभी तक कोई मौत नहीं हुई है। जो मौत हुई हैं उनके अलग अलग कारण रहे हैं।
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डीएम चंद्र भूषण सिंह ने शनिवार को डेंगू के नियंत्रण को लेकर स्वास्थ्य विभाग समेत कई अन्य विभागों के अधिकारियों की बैठक ली और अधिकारियों को डेंगू के बचाव को लेकर आवश्यक कार्रवाई करने के सख्त निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि जागरूकता अभियान चलाया जाए व समाज में किसी भी तरह का भ्रम न फैले इसका पूरा ध्यान रखा जाए। इसी बैठक में सीएमओ डॉ. एमएल अग्रवाल ने बताया कि अभी तक डेंगू से किसी भी मरीज की मृत्यु की पुष्टि नहीं हुई है। जहां तक किसी मरीज के मरने की खबर है उसके कारण अलग रहे हैं।
सीएमओ ने बताया कि 20 अक्तूबर तक 40, 30 अक्तूबर तक 70 और 2 नवंबर तक मलखान सिंह अस्पताल में 47 व मेडिकल कालेज में 27 मरीज डेंगू बुखार के चिह्नित किए गए। इसके अलावा सभी आशाओं द्वारा गांव गांव शहरों में पैरासीटा मोल की गोली दी जा रही है। बैठक में जिलाधिकारी ने कहा कि यदि किसी को डेगूं की शिकायत है तो डीएम वार रूम के नंबरों पर काल करिये। आपकी सूचना के अनुसार स्वास्थ्य विभाग की एंबुलेंस पहुंचेगी। यदि किसी भी पैथोलोजी लैब पर गलत तरीके से या ज्यादा रुपये लेकर जांच की जा रही है तो डीएम वार रूम पर लैब की शिकायत करें। डीएम वार रूम प्रभारी व ईडीएम मनोज राजपूत को निर्देश दिए कि डीएम वार रूम को पूरी तरह सक्रिय किया जाए और वहां पर दो डाक्टर बैठाए जाएं।
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डीएम वार रूम नंबर
9457296582ए’
7017469606’
6397567702’
डेंगू को लेकर की गई जिलाधिकारी की बैठक के मुख्य बिंदु
- डीएम वार रूम डेंगू कंट्रोल रूम के रूप में काम करेगा
- सभी मजिस्ट्रेट रविवार से ही सभी पैथलोजी लैबों की जांच करेंगे, एक हफ्ते का रिकार्ड तलब होगा
- डेंगू की जांच रिपोर्ट और डाक्टर का पर्चा डीएम वार रूम पर भेजें, जांच रिपोर्ट की सीएमओ से फिर जांच होगी
- डेंगू को लेकर गलत रिपोर्ट देने वाली पैथलोजी लैबों पर कार्रवाई होगी और सीज करने के बाद सीधे रिपोर्ट दर्ज होगी
- नगर निगम व अन्य निकाय फागिंग और लार्वा रोधी दवा का छिड़काव करेंगे
- बुखार आने पर किसी भी दशा में कांबिफ्लेम गोली नहीं खाएं
‘ डेंगू को लेकर शहर में भ्रम की स्थिति बनाई जा रही है। सामान्य बुखार को भी डेंगू कह कर मरीज और उसके परिजनों को भ्रमित किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि डेंगू का उपचार सरकारी अस्पतालों में उपलब्ध है। बुखार में घबराएं नहीं। किसी भी प्रकार का बुखार हो तो सरकारी अस्पताल में आए और चेक कराएं’
डॉ.एमएल अग्रवाल, सीएमओ
पांच पैथलोजी लैबों को नोटिस जारी
डेंगू के बढ़ते प्रकोप को लेकर स्वास्थ्य विभाग हाई अलर्ट मोड पर आ गया। सीएमओ ने डेंगू की जांच की गलत रिपोर्टिंग करने के आरोप में शहर की पांच पैथलोजी लैबों को नोटिस जारी कर दिया। साथ ही सभी पैथलोजी लैब और नर्सिंग होम संचालकों को निर्देश दिया है कि एक लाख से कम प्लेटलेट होने पर सीधे मलखान सिंह जिला अस्पताल का पैथलोजी लैब को रिपोर्ट किया जाए और सैंपल भी भेजा जाए।
सीएमओ डॉ. एमएल अग्रवाल ने बताया कि सूचना मिल रही थी कि शहर में कुछ लैब डेंगू के संबंध में गलत रिपोर्ट पेेश कर रही हैं। जिसके बाद उन्होंने टीमें भेजी और जो तथ्य सामने आए उसके बाद गांधी पार्क स्थित अशोक पैथलोजी, मसूदाबाद स्थित सुखदेवी डायग्नोस्टिक सेंटर, रसलगंज स्थित एलडी मैमोरियल हास्पिटल, लिमरा पैथलोजी और डीएस कालेज के सामने जीवन ज्योति पैथलोजी को नोटिस जारी किया है।
जिलाधिकारी की बैठक में नगर आयुक्त सत्य प्रकाश पटेल ने बताया कि फागिंग के लिए नगर निगम की 4 टीमें कार्यरत हैं और स्लम एरिया में भी फागिंग व लार्वा रोधी दवा का लगातार छिड़काव किया जा रहा है।
‘डेंगू से सतर्कता ही बचाव है। अगर आपकी नजर धुंधली हो रही है या कहीं से रक्त स्राव हो रहा है तो उसे अनदेखा नहीं करें। ज्यादातर डेंगू से पीड़ितलोग आंख के पीछे दर्द की शिकायत करते हैं। यह दर्द आंख की मूवमेंट से बढ़ता है। इसे अनदेखा नहीं करें। डेंगू जानलेवा हो सकता है। निकटतम हास्पिटल में जांच कराएं डेंगू सही हो सकता है’
- डॉ. अंकित गुप्ता, निदेशक, श्री साईं आयुर्वेदिक मेडिकल कालेज एंड हास्पिटल
दवा का छिड़काव सिर्फ दिखावा है
अलीगढ़। डेंगू के कहर से खौफजदा शहर के लोगों का आरोप है कि स्वास्थ्य विभाग के फागिंग और मच्छर रोधी दवा का छिड़काव करना सिर्फ एक दिखावा है। केस सामने आने के बाद विभाग की एक टीम वहां पहुंच जाती है और रस्म निभाने के लिए छिड़काव कर देती है। विक्रम कालोनी में मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी की मौत के बाद दवा का छिड़काव करने के दावे पर वहां के निवासी आरके सिंह ने बताया कि कहीं कोई दवा नहीं छिड़की गई है। यह सिर्फ झूठे दावे किए गए हैं। इसके अलावा डेंगू के संभावित मामलों का अस्पतालों में आने का सिलसिला जारी है। शहर के विभिन्न संगठनों और नागरिकों ने शनिवार को नगर निगम और स्वास्थ्य विभाग के फोन नंबरों पर फागिंग और मच्छर रोधी दवा छिड़काव के लिए संपर्क किया लेकिन इनका कहना है कि कहीं फोन नहीं उठा तो कहीं रिसीव नहीं हुआ। इस तरह कागजों पर ही सारा काम हो रहा है।
‘शहर में कहीं भी दवा का छिड़काव नहीं हो रहा है। केवल कागजों में दवा छिड़की जा रही है या जहां पर कोई केस मिल जाता है तो वहां अगले दिन दवा छिड़की जा रही है। जबकि इस मद में आया हुआ लाखों रुपया कहां जाता है पता नहीं’
हरिकिशन अग्रवाल, व्यापारी नेता
‘शहर में गंदगी, कूड़े की भरमार है। यह मच्छरों और बीमारियों के पनपने का सबसे अच्छा माहौल है। ऐसे में केवल डेंगू ही नहीं बल्कि अन्य बीमारियों के भी फैलने का पूरा खतरा है’
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- अनिल चौहान, शिक्षक
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