बेसिक शिक्षा राज्य मंत्री संदीप सिंह के मैरिस रोड स्थित आवास पर धरना दिया जिसमें मथुरा, कासगंज, बरेली समेत कई जिलों के अभ्यर्थी शामिल हुए और ‘मंत्री जी आपकी तो शादी हो जाएगी हम तो कुंवारे ही मर जाएंगे’ पोस्टर के जरिए उम्र बीतने की पीड़ा जताई।
68500 सहायक शिक्षक भर्ती-2018 में पिछड़ा वर्ग के अभ्यर्थियों को राहत देने और लंबित नियुक्तियों का रास्ता साफ कराने की मांग को लेकर शनिवार को प्रदेशभर के अभ्यर्थियों ने बेसिक शिक्षा राज्य मंत्री संदीप सिंह के मैरिस रोड स्थित आवास पर धरना-प्रदर्शन किया। प्रदर्शन में मथुरा, कासगंज और बरेली समेत प्रदेश के विभिन्न जिलों से आए अभ्यर्थी शामिल हुए। इस दौरान बेसिक शिक्षा राज्य मंत्री संदीप सिंह सामने होटल में मौजूद रहे प्रदर्शनकारियों ने कई बार उन्हें मिलने की मांग की लेकिन वह कुछ देर बाद अपनी गाड़ी से रवाना हो गए।
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प्रदर्शन के दौरान अभ्यर्थियों ने हाथों में पोस्टर और बैनर लेकर अपनी मांगों की ओर सरकार का ध्यान खींचा। इनमें एक पोस्टर खासा चर्चा में रहा, जिस पर लिखा था— ‘मंत्री जी आपकी तो शादी हो जाएगी, हम तो कुंवारे ही मर जाएंगे।’ इसके जरिए अभ्यर्थियों ने लंबे समय से नियुक्ति की प्रतीक्षा में बीत रही उम्र और भविष्य को लेकर अपनी पीड़ा जाहिर की।
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अभ्यर्थियों का कहना है कि 68500 सहायक शिक्षक भर्ती-2018 के संबंध में उत्तर प्रदेश राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग ने अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) के अभ्यर्थियों को उत्तीर्णांक में 5 प्रतिशत की छूट दिए जाने तथा सफल अभ्यर्थियों को नियुक्ति देने की संस्तुति की है। प्रदर्शनकारियों ने इसी संस्तुति को लागू करने की मांग की।
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अभ्यर्थियों की ओर से मुख्यमंत्री को दिए गए पत्र में कहा गया है कि ओबीसी अभ्यर्थियों को उत्तीर्णांक में पांच प्रतिशत की छूट दिए जाने के बाद 150 में 60 अंक यानी 40 प्रतिशत पर पात्र मानते हुए सफल अभ्यर्थियों को शीघ्र नियुक्ति प्रदान करने के लिए बेसिक शिक्षा विभाग को निर्देशित किया जाए।
‘लंबे इंतजार के बाद भी नहीं मिली नियुक्ति’
प्रदर्शनकारियों ने कहा कि लंबे समय से नियुक्ति की उम्मीद लगाए बैठे अभ्यर्थियों के लिए इस मामले में जल्द निर्णय जरूरी है। उनका कहना था कि सरकार यदि आयोग की संस्तुति के अनुरूप कार्रवाई करती है तो बड़ी संख्या में अभ्यर्थियों को राहत मिल सकती है। धरने के दौरान अभ्यर्थियों ने सरकार से इस मामले में शीघ्र निर्णय लेकर नियुक्ति प्रक्रिया आगे बढ़ाने की मांग की। प्रदर्शन में शामिल लोगों ने कहा कि उनका संघर्ष नियुक्ति मिलने तक जारी रहेगा।