महानगर के जीटी रोड पर नौरंगाबाद इलाके में रविवार दोपहर उस समय हंगामी स्थिति बन गई जब एक लोडर ऑटो में चादर चढ़ाने जा रहे लोगों को देख धर्मांतरण के शक पर हंगामा खड़ा हो गया।
इलाके के लोगों ने इस ऑटो को घेरकर उसमें तोड़फोड़ कर दी और उसमें रखी चादर आदि सामान को निकालकर आग लगा दी। इस हंगामे की खबर पर पहुंची पुलिस ने हंगामा कर रही भीड़ को लाठियां फटकाकर खदेड़ दिया। बाद में मेयर सहित तमाम भाजपाई व हिंदूवादी भी पहुंच गए। पुलिस ने बाद में जांच की बात कहकर मसला रफा-दफा कर दिया। इस मामले में भाजपाइयों व हिंदूवादियों ने जांच न होने पर आंदोलन की चेतावनी दी है।
बताया गया है कि महानगर के ज्वालापुरी टीकाराम कॉलोनी की महिला रेखा के बेटे आकाश को काफी समय से बीमारी थी। इसके लिए उसने मन्नत मांगी थी। तबियत ठीक होने पर रविवार को महिला ने अपने घर पर धार्मिक आयोजन कराया, जिसमें कुछ मुसलिम युवक भी शामिल हुए और बाद में यह लोग चादर चढ़ाने के लिए एक ऑटो में सवार होकर जा रहे थे। युवकों के बीच महिलाओं को देख इलाके के लोगों को धर्मांतरण का शक हुआ तो ऑटो को देवी मंदिर के पास घेर लिया गया। यह होते ही मुसलिम युवक तो वहां से भाग गए। महिलाएं भी इधर उधर हो गईं। बाद में भीड़ ने सामान निकालकर उसे आग लगा दी।
इसी बीच गांधीपार्क व सासनी गेट पुलिस पहुंच गई। भीड़ को लाठियां फटकाकर तितर-बितर किया।
इसी बीच सूचना पर मेयर शकुंतला भारती, सत्यप्रकाश नवमान, ब्रजेश कंटक, भाजपा युवा मोर्चा महानगर अध्यक्ष मनोज शर्मा आदि तमाम लोग पहुंच गए। मामले में जानकारी करने पर जांच की मांग उठाई। इस संबंध में कार्यवाहक एसओ गांधीपार्क ने बताया कि यह सिर्फ शक का मामला है। महिला के अनुसार धर्मांतरण जैसी कोई बात नहीं थी। फिर भी जांच की जा रही है। इस मामले में कोई तहरीर नहीं मिली है।