अंडला की एक दुकान पर लगा लाल निशान, वहां टूटे मकान व दुकानें
- फोटो : मौ फहीम
अलीगढ़-पलवल हाईवे का नवनिर्माण जारी है। इस हाईवे पर स्थित गांव अंडला में 117 मकानों और दुकानों को तोड़ने के लिए लाल निशान लगाकर इनको चिह्नित किया गया है। इससे पहले वर्ष 2017-18 में जब यह हाईवे पहली बार फोरलेन हुआ था, तब दुकानें और मकान टूटे थे। जिसके बाद लोगों ने आशियाने को संभाला, आठ साल बाद ही दोबारा से इनके टूटने की नौबत आ गई है। इससे कई परिवारों में बेचैनी और चिंता है। कई घर परिवार ऐसे हैं, जिनका पूरा मकान खत्म हो जाएगा। यह सोचकर रात भर नींद नहीं आती है। ग्रामीणों की चिंता यह भी है कि अभी तक उन्हें कोई नोटिस नहीं मिला है, जिससे उन्हें पता चल सके कि आगे क्या होगा..। हालांकि अधिकारियों का कहना है कि भू स्वामियों को इसका उचित मुआवजा दिया जाएगा।
पत्नी भी छोड़ गई, बचा मकान भीजा रहा.. तीन बच्चे लेकर कहां जाएं
इस गांव के कुछ परिवारों की व्यथा बेचैन करने वाली है। ब्रजमोहन रावत भी इन्हीं में से एक है। आठ साल पहले आधा घर टूटने पर शौचालय खत्म हो गया। पत्नी-बच्चों को शौच के लिए बाहर जाना पड़ रहा था। इसी बीच पत्नी बेबी को कैंसर हो गया। उनकी देखरेख में कई दिनों का अवकाश लेना पड़ा, जिससे रोडवेज की संविदा परिचालक की नौकरी भी गई। बेटी स्वाति, संध्या और बेटे शिवम के साथ किसी तरह से गुजारा करते हैं। अब पूरा मकान टूटने का बड़ा संकट आ गया है। सवाल ये है कि मुआवजा नहीं मिला तो कहां रहेंगे। न नौकरी है न कोई काम...।