फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

लाल निशान देख डूब रहा दिल: पत्नी भी छोड़ गई, बचा मकान भी जा रहा, तीन बच्चे लेकर कहां जाएं

Sun, 15 Mar 2026 02:56 PM IST
Chaman Kumar Sharma आशीष निगम, अमर उजाला, अलीगढ़

सार

ग्रामीणों की चिंता यह भी है कि अभी तक उन्हें कोई नोटिस नहीं मिला है, जिससे उन्हें पता चल सके कि आगे क्या होगा..। हालांकि अधिकारियों का कहना है कि भू स्वामियों को इसका उचित मुआवजा दिया जाएगा।
विज्ञापन
अंडला की एक दुकान पर लगा लाल निशान, वहां टूटे मकान व दुकानें - फोटो : मौ फहीम
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

अलीगढ़-पलवल हाईवे का नवनिर्माण जारी है। इस हाईवे पर स्थित गांव अंडला में 117 मकानों और दुकानों को तोड़ने के लिए लाल निशान लगाकर इनको चिह्नित किया गया है। इससे पहले वर्ष 2017-18 में जब यह हाईवे पहली बार फोरलेन हुआ था, तब दुकानें और मकान टूटे थे। जिसके बाद लोगों ने आशियाने को संभाला, आठ साल बाद ही दोबारा से इनके टूटने की नौबत आ गई है। इससे कई परिवारों में बेचैनी और चिंता है। कई घर परिवार ऐसे हैं, जिनका पूरा मकान खत्म हो जाएगा। यह सोचकर रात भर नींद नहीं आती है। ग्रामीणों की चिंता यह भी है कि अभी तक उन्हें कोई नोटिस नहीं मिला है, जिससे उन्हें पता चल सके कि आगे क्या होगा..। हालांकि अधिकारियों का कहना है कि भू स्वामियों को इसका उचित मुआवजा दिया जाएगा।

विज्ञापन


पत्नी भी छोड़ गई, बचा मकान भीजा रहा.. तीन बच्चे लेकर कहां जाएं
इस गांव के कुछ परिवारों की व्यथा बेचैन करने वाली है। ब्रजमोहन रावत भी इन्हीं में से एक है। आठ साल पहले आधा घर टूटने पर शौचालय खत्म हो गया। पत्नी-बच्चों को शौच के लिए बाहर जाना पड़ रहा था। इसी बीच पत्नी बेबी को कैंसर हो गया। उनकी देखरेख में कई दिनों का अवकाश लेना पड़ा, जिससे रोडवेज की संविदा परिचालक की नौकरी भी गई। बेटी स्वाति, संध्या और बेटे शिवम के साथ किसी तरह से गुजारा करते हैं। अब पूरा मकान टूटने का बड़ा संकट आ गया है। सवाल ये है कि मुआवजा नहीं मिला तो कहां रहेंगे। न नौकरी है न कोई काम...।

विज्ञापन

पूर्वजों की यादें खोने का डर
  • नितिन कुमार रावत कहते हैं कि आठ साल पहले 30 फीट की गहराई तक घर टूटा था, अब 20 फीट और अंदर तक लाल निशान लगाया गया है। पैतृक घर से पूर्वजों की यादें जुड़ी हैं, जिनके छीन जाने का डर है। पहले से ही महंगाई बहुत है, ऐसे में नया ठिकाना बनाना आसान नहीं है। सरकार उचित मुआवजा दे।
  • हिंदी शिक्षक राजेश कुमार सिंह कहते हैं कि वर्ष 2016 से मार्च 2025 तक अंडला में हाईवे पर 1.15 करोड़ रुपये प्रति हेक्टेयर का सर्किल रेट था। अब मौजूदा रेट 1.60 करोड़ रुपये प्रति हेक्टेयर है। अगर जमीन ली जा रही है तो सर्किल रेट की दर से ही चार गुना मुआवजा दिया जाए, लेकिन इस बारे में अभी तक कोई स्पष्टता नहीं है। गाटा संख्या 240 में उनकी भी जमीन है, जो हाईवे में ली जा रही है।
  • महादेव गली निवासी नारायण दत्त कहते हैं कि 20 फीट की गहराई तक मकान तोड़ा जाएगा। जिससे सभी परिजन परेशान हैं। समझ नहीं आ रहा है क्या करें। कोई अफसर बात तक नहीं करने आता है। किससे अपनी पीड़ा व्यक्त करें।
  • हाईवे पर ही दुकान संचालित करने वाले राजीव रावत ने कहा कि उनका घर दोबारा तोड़ा जाएगा, यह सोच कर बेचैनी और उलझन होती है। रात में नींद नहीं आती है। पूरा घर परेशान है। एनएचएआई और तहसील प्रशासन भी सुनवाई नहीं कर रहा।
अलीगढ़-पलवल हाईवे के नवनिर्माण में गांव अंडला में 117 मकान और दुकानों का अधिग्रहण किया जा रहा है। इसके लिए लाल निशान लगाए गए हैं। अधिग्रहण से पहले सभी को कानूनी रूप से सूचित किया जाएगा। इसका नोटिस दिया जाएगा। सभी भू स्वामियों को जमीन और उस पर हुए निर्माण कार्य का उचित मुआवजा दिया जाएगा।-शिशिर कुमार सिंह, एसडीएम खैर।

ऐसे चौड़ा हो रहा हाईवे
  • 55 मीटर जमीन पहले ली गई थी, सड़क के केंद्र से दोनों ओर
  • 75 मीटर तक किया जा रहा अब इसका दायरा, दोनों साइड में
  • 20 मीटर तक जमीन लेने के लिए लगाए जा रहे हैं लाल निशान
  • 150 मीटर तक चौड़ी होगा हाईवे, दोनों ओर होगी तोड़फोड़
  • 50 मीटर तक जमीन सरकारी, 25 मीटर जमीन में निजी संपत्ति भी
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें