डेंगू एवं बुखार के मामले बढ़ने के साथ ही प्लेटलेट्स की मांग बढ़ने लगी है। मलखान सिंह जिला चिकित्सालय स्थित ब्लड बैंक से अभी तक चार मरीजों को प्लेटलेट्स उपलब्ध कराए गए हैं।
जनपद में अभी तक डेंगू के पांच मरीज सामने आए हैं। डेंगू, मलेरिया, स्क्रब टायफस, टायफॉइड जैसी बीमारी होने पर प्लेटलेट्स की संख्या कम हो जाती है। स्वस्थ व्यक्ति के डेढ़ से चार लाख तक प्लेटलेट्स होती हैं। 50 हजार से कम होने पर स्थिति चिंताजनक होती है। मलखान सिंह जिला चिकित्सालय के ब्लड बैंक से अभी तक डेंगू के चार मरीजों को प्लेटलेट्स उपलब्ध कराए गए हैं। वर्तमान में ब्लड बैंक में प्लेटलेट्स के 6 बैग उपलब्ध हैं। सीएमएस डॉ. रामकिशन ने बताया कि ब्लड बैंक में प्लेटलेट्स बैग तैयार हो रहे हैं। इस समय कोई दिक्कत नहीं है। जंबो पैक तैयार करने के लिए मशीन मंगा रहे हैं। शासन को इस संबंध में लिखा गया है। गौरतलब हो कि सरकारी चिकित्सालयों में सिर्फ मलखान सिंह जिला चिकित्सालय एवं जेएन मेडिकल कॉलेज में ब्लड कंपोनेंट अलग करने की सुविधा है। इसके अतिरिक्त शहर के कुछ निजी चिकित्सालयों के ब्लड बैंक में भी प्लेटलेट्स की सुविधा है।
विभिन्न ग्रुप के रक्त की उपलब्धता
ए प्लस - 37 यूनिट, बी प्लस - 45 यूनिट, एबी प्लस - 15 यूनिट, ओ- 70 यूनिट, एबी निगेटिव - 2 यूनिट, ओ निगेटिव-1 यूनिट, ए निगेटिव-1 यूनिट और बी निगेटिव-1 यूनिट। (कुल 172 यूनिट)