सांकरा गंगा घाट पर पक्के घाट के निर्माण की मांग करते लोग
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सांकरा में गंगा नदी के तट पर पक्के गंगा घाट निर्माण की मांग को लेकर रविवार को क्षेत्र की महिलाओं ने प्रदर्शन किया। महिलाओं ने कहा कि प्रतिवर्ष सांकरा घाट पर श्रद्धालुओं के गंगा में डूबने की घटनाएं होती हैं, उसके बाद भी शासन-प्रशासन ध्यान नहीं दे रहा है। महिलाओं का कहना है कि गंगा स्नान के बाद कपड़े बदलने के लिए भी घाट पर स्थान नहीं है।
सांकरा गंगा घाट पर्यटन विकास सेवा समिति के संस्थापक व अध्यक्ष विनय यादव ने कहा कि सांकरा जिले का इकलौता गंगा घाट है। लेकिन दुर्भाग्य की बात है कि इसे अभी तक पक्का नहीं कराया गया है। यहां त्योहार-पर्व पर सैकड़ों श्रद्धालु स्नान के लिए आते हैं और स्नान के दौरान कई लोग गंगा में डूब जाते हैं। इन घटनाओं के बाद भी शासन-प्रशासन इस ओर ध्यान नहीं दे रहा है। विनय यादव ने कहा कि ऋषिकेश-हरिद्वार की तरह सांकरा पर पक्का गंगा घाट बनवाने वाले अब नजर नही आ रहे हैं।
स्नेहलता यादव ने कहा, घाट पर स्नान के बाद महिलाओं के लिए वस्त्र बदलने की भी जगह नहीं है। महिला श्रद्धालुओं को गंगा स्नान के दौरान काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। रविवार को महिलाओं ने सांकरा पर पक्का गंगा घाट बनवाने के लिए प्रदर्शन किया। इस दौरान केसी यादव, शोमेश यादव प्रधान, राजेश यादव, पवन यादव, लकी, कल्पना, शशि कुमारी, संजू कुमारी, रंजना कुमारी, शिवानी,सपना, सन्ध्या, प्रीति, सुमन, संगीता, ऊषा देवी आदि मौजूद रहे।