राकेश कुमार ने मोबाइल पर वीडियो स्टेटस लगाया था। इसमें उसने कहा कि मैं मरने जा रहा हूं..। साथ ही बहन को संबोधित करते हुए कहा था कि मां का ख्याल रखना, अब वापस नहीं आऊंगा। खुर्जा के शिकारपुर तिराहे के पास रहने वाली बहन चंचल ने स्टेटस देखा तो वह घबरा गई। मोबाइल पर फोन किया तो वह बंद था।
गभाना स्थित सोमना नहर में 21 जुलाई दोपहर तीन बजे दिल्ली निवासी युवक का शव उतराता मिला। नहर में बह रहे एक शव की जानकारी मिली तो परिजन बुलंदशहर से उसका पीछा करते हुए सोमना तक आए। यहां नहर के फाटक पर शव को रुकवाया और शिनाख्त की गई। परिजन के अनुसार युवक ने 18 जुलाई को वीडियो स्टेटस डालकर मरने जाने की बात कही थी। बहन ने स्टेटस देखकर परिजन को सूचना दी तो उसकी तलाश शुरू की गई।
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दिल्ली के थाना नंदनगरी निवासी राकेश कुमार (30) पुत्र स्व. सोनू ने 18 जुलाई को मोबाइल पर वीडियो स्टेटस लगाया था। इसमें उसने कहा कि मैं मरने जा रहा हूं..। साथ ही बहन को संबोधित करते हुए कहा था कि मां का ख्याल रखना, अब वापस नहीं आऊंगा। खुर्जा के शिकारपुर तिराहे के पास रहने वाली बहन चंचल ने स्टेटस देखा तो वह घबरा गई। मोबाइल पर फोन किया तो वह बंद था। उसने भाई की तलाश शुरू कर दी, लेकिन कोई पता नहीं चल सका। 19 जुलाई को थाना नंदनगरी में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई गई। इधर, परिजन लगातार उसकी तलाश करते रहे।
21 जुलाई सुबह दस बजे के करीब राकेश के जीजा जीतू, जीतू के पिता पप्पू अन्य परिजन के साथ बुलंदशहर से अलीगढ़ आ रही नहर के इर्द-गिर्द उसकी तलाश कर रहे थे। मंगलवार दोपहर बुलंदशहर के गांव रनियावली से गुजर रही इसी नहर में एक शव दिखाई दिया। परिजन ने इसका पीछा करना शुरू कर दिया। सोमना नहर फाटक पर शव रुकवाया तो वह राकेश का निकला। सूचना पर पुलिस पहुंची और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा। राकेश तीन बहन-भाइयों में सबसे बड़ा था और निजी कंपनी में काम करता था।