पंडित दीनदयाल उपाध्याय संयुक्त चिकित्सालय का आईसीयू बंद।
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सरकार स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार के लिए लगातार प्रयासरत है, मगर यहां डॉक्टरों की कमी से मंडल मुख्यालय पर दो साल पहले शुरू हुआ 38 वेंटिलेटर बेड का आईसीयू व्यवस्थित तरीके से नहीं चला पा रहा। रविवार से डॉक्टरों के अभाव में दीनदयाल संयुक्त चिकित्सालय के आईसीयू में मरीज नहीं लिए गए। ऐसे में सवाल खड़ा हुआ कि यही हाल रहा तो ढाई करोड़ रुपये की मशीनें धूल फांकेंगी? हालांकि, सीएमएस ने एक बार फिर डॉक्टरों की तैनाती का अनुरोध किया, जिस पर मंगलवार देर शाम डॉ.कुलदीप राजपूरी को बुधवार से हर हाल में ज्वाइन करने के निर्देश हुए हैं। देखना है कि वह ज्वाइन करेंगे या नहीं।
अप्रैल 2022 में डॉक्टरों की संबद्धता खत्म होने के बाद से संकट शुरू हो गया है। यहां तैनात आठ नर्सिंग व मेडिकल स्टाफ अन्य वार्ड में लगा दिए गए हैं। एक मात्र एनेस्थेटिक ईएमओ के सहारे आईसीयू चला पाना संभव नहीं हुआ। रविवार को भर्ती एक मरीज की छुट्टी के बाद यहां नए मरीज भर्ती नहीं किए गए। इसे लेकर मंगलवार को सीएमएस ने सीएमओ से फिर पत्राचार किया तो देर शाम डॉ.कुलदीप राजपुरी को हर हाल में बुधवार को ज्वाइन करने के निर्देश दिए गए हैं।
-डॉक्टर न होने के कारण आईसीयू संचालन में दिक्कत आ रही थी। नए डॉक्टर के आने पर आईसीयू में यथावत काम शुरू होगा। मगर यह कहना गलत है कि यहां लगी मशीनें धूल फांकेगीं। उसकी देखभाल और केयर की जिम्मेदारी अस्पताल प्रबंधन की है।
- डॉ. अनुपम भाष्कर, सीएमएस दीनदयाल अस्पताल
-दीनदयाल का आईसीयू बंद नहीं है। इन दिनों वहां कोई मरीज नहीं है। डॉक्टर दूसरे सरकारी कार्य में जगह व्यस्त होने के कारण यहां नहीं पहुंच पाए। बुधवार सुबह डॉ.कुलदीप राजपुरी पहुंचकर पहले की तरह काम करेंगे।-डा.नीरज त्यागी, सीएमओ
आईसीयू न चला तो जिम्मेदारों पर कार्रवाई: विधायक
विधायक अनिल पाराशर ने कहा है कि दीनदयाल अस्पताल के आईसीयू को लेकर आज सीएमएस, सीएमओ, एडी व नोडल अधिकारी सीडीओ से वार्ता की गई। साफ-साफ कहा गया कि डॉक्टरों की कमी का हवाला देकर आईसीयू का संचालन अगर बंद किया और मरीज भरती न किया तो जिम्मेदारों पर कार्रवाई कराई जाएगी।