यूक्रेन के राहत शिविर में भारतीय छात्र-छात्रा भारतीय तिरंगा दिखाते हुए ।
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यूक्रेन से निकलकर महानगर निवासी एमबीबीएस छात्रा उर्वशी राजपूत व छात्र अमान उद्दीन अपने सहपाठियों के साथ रोमानिया के बुखारेस्ट एयरपोर्ट में बनाए गए राहत शिविर में पहुंच चुकी हैं। जबकि प्रशांत सहित 15 छात्र रोमानिया स्थित भारतीय दूतावास में पहुंच गए हैं। अब तक जिले में 45 छात्रों में माधवी अरोरा व फाल्गुनी धीरज यूक्रेन अलीगढ़ आ चुकी हैं।
एमबीबीएस तृतीय वर्ष के छात्र प्रशांत राजपूत ने बताया कि वह यूक्रेन से रोमानिया पहुंच गए हैं। बताया कि हजारों भारतीयों समेत 15 छात्रों का समूह यूक्रेन की सीमा पार कर रोमानिया पहुंच गया। उन्हें रोमानिया स्थित भारतीय दूतावास ने अपने संरक्षण में ले लिया है। यूक्रेन स्थित विनित्सिया शहर में युद्ध का खतरा सामने आने पर तत्काल सहपाठियों ने समूह बनाकर यूक्रेन स्थित भारतीय दूतावास के निर्देश पालन करते हुए वह लोग यूक्रेन-रोमानिया सीमा पर पहुंचे। सीमा पार करने से पहले यूक्रेन सीमा पर माइनस 8 से माइनस 15 डिग्री सेल्सियस तापमान (भीषण ठंड) पर 30 घंटे तक लाइन में लगना पड़ा। बताया कि रोमानिया पहुंचते ही वहां स्थित भारतीय दूतावास से सुरक्षा और सहायता के निर्देशों का कड़ा प्रबंध मिला।
रोमानिया के बुखारेस्ट एयरपोर्ट स्थित राहत शिविर में महानगर के रामबाग कॉलोनी, बन्नादेवी निवासी एमबीबीएस छात्रा उर्वशी राजपूत, अमीषा हरियाणा व संध्या मेरठ के साथ पहुंच गई हैं। उर्वशी राजपूत ने बताया कि राहत शिविर में खाने-पीने का बेहतर इंतजाम है। बुधवार अथवा बृहस्पतिवार को फ्लाइट के जरिये भारत पहुंचने की उम्मीद जताई। बताया कि वह लगातार अपने परिवार के संपर्क में हैं। दिल-दिमाग में एक ही बात चल रही है कि किस तरह जल्दी से जल्दी अपने घर पहुंचें। उर्वशी की मां सुशीला राजपूत ने बताया कि सभी बच्चों के सही सलामत जल्द घर लौटने के लिए वह लगातार ईश्वर से प्रार्थना कर रही हैं। अजीज विला, सर सैयद नगर निवासी प्रोफेसर ताज उद्दीन ने बताया कि उनकी बेटे अमान उद्दीन से बात हुई है। वह रोमानिया के बुखारेस्ट एयरपोर्ट पहुंच गया है। जल्द ही उन्हें फ्लाइट मिल जाएगी।
भारतीय छात्र की मौत पर जताया दुख
अलीगढ़। रूस-यूक्रेन युद्ध के दौरान गोलाबारी में कर्नाटक निवासी एक भारतीय छात्र की मौत पर लोगों ने गहरा दुख व्यक्त किया है। वहीं, सपा नेता रुबीना खान ने मोदी सरकार की विदेश नीति को विफल बताया।
उन्होंने कहा कि यूक्रेन में भारतीय छात्र की मौत के लिए मोदी सरकार की विदेश नीति जिम्मेदार है। मोदी सरकार युद्ध से पहले विशेष विमान चलाकर सभी भारतीय विद्यार्थियों को ला सकती थी, लेकिन ऐसा नहीं किया। उन्होंने सरकार से मांग की भारतीय वायु सेना का इस्तेमाल कर सभी भारतीय बच्चों को तत्काल सुरक्षित भारत वापस लाया जाए। ज्ञान महाविद्यालय के असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. ललित उपाध्याय ने यूक्रेन में भारतीय छात्र की मौत पर दुख जताया। भारतीयों को सकुशल स्वदेश वापसी के लिए चार देशों में केंद्रीय मंत्रियों को समन्वय के लिए भेजना सराहनीय फैसला है।