एएमयू की सेवानिवृत्त 81 वर्षीय महिला प्रोफेसर को डिजिटल अरेस्ट कर 75 लाख रुपये की साइबर ठगी में जेल भेजे गए आरोपी की जमानत अर्जी खारिज कर दी गई है। जमानत अर्जी एडीजे तीन राकेश वाशिष्ठ की अदालत से खारिज की गई है।
बता दें कि अक्तूबर माह में हुए इस मुकदमे आरोपी को बिहार से छह जनवरी को गिरफ्तार कर यहां ट्रांजिट रिमांड पर लाया गया था। पीड़ित महिला प्रोफेसर संग यह ठगी सितंबर से अक्तूबर के मध्य हुई। वीडियो कॉल पर मुंबई ईडी का अधिकारी बनकर डराया और कहा कि तुम्हारे खिलाफ थाने में मुकदमा दर्ज हो गया है। इसके बाद विधिक कारवाई का हवाला देकर अलग अलग बार में कुल 75 लाख रुपये जमा कराए।
इस दौरान हैकरों ने वीडियो कॉल पर बातचीत में महिला के हाथों में कंगन देखकर उन्हें गिरवी रखवाकर लोन करा दिया। मामले में साइबर थाना पुलिस ने 21 लाख रुपये होल्ड करा दिए। साथ ही जांच की तो सामने आया कि ठगे गए रुपये 21 खातों में ट्रांसफर हुए थे। जांच में अमरेश कुमार सिंह निवासी ग्राम बभांगमा, पोस्ट जहांगीरपुर, जनपद वैशाली (बिहार) का नाम सामने आया था। जिसे पुलिस उसके यादव कॉलोनी मूर्ति मकान पटना (बिहार) के किराये के मकान से गिरफ्तार करके लाई थी।
इस मामले में आरोपी की ओर से यह तर्क दिया गया कि उसे सिर्फ कुछ लोगों ने ग्रुप में जुडऩे व खाते का प्रयोग करने का ऑफर दिया था। मगर अदालत ने अपने आदेश में स्पष्ट उल्लेख किया है कि बुजुर्ग संग इस तरह की वारदात उनके प्रति असंवेदनशीलता जाहिर करती है। इसलिए बिना किसी विचार के जमानत निरस्त की जाती है।