जिले में कोरोना की दूसरी लहर खतरनाक हो चुकी है। संक्रमण का दायरा तेजी से बढ़ रहा है। शासन-प्रशासन लगातार कोरोना नियमों के प्रति लोगों को जागरूक कर रहा है। मास्क पहनने और सोशल डिस्टेंसिंग का पालन कराने के लिए पुलिस प्रशासन सख्ती कर रहा है। इसके बावजूद लोग कोविड नियमों का पालन नहीं कर रहे हैं। आलम यह है कि शहर की सड़कों पर लोग बेफिक्र होकर घूम रहे हैं, उन्हें न तो कोरोना का डर है और न ही पुलिस प्रशासन की सख्ती का। कोरोना कर्फ्यू के बाद सोमवार को शहर के बाजार खुले तो वहां भीड़ टूट पड़ी।
रेलवे रोड बाजार हो या फिर महावीर गंज और सराफा बाजार हो। भीड़ ऐसी थी कि सड़क पर जाम जैसी स्थिति थी। सामाजिक दूरी के नियम की भी धज्जियां उड़ती दिखीं। इसके अलावा, कलेक्ट्रेट में नामांकन पत्रों की जांच के लिए पहुंचे लोगों की लंबी कतार दिखी। आलम ये था कि लोग बच्चों को गोद में लेकर लाइन में लगे थे। जबकि यहां पर जिले के आला अधिकारी बैठते हैं, उन पर नियमों का पालन कराने की जिम्मेदारी है। वहीं, रेलवे स्टेशन, बस अड्डों पर भी कोविड नियम टूटते दिखे। जबकि एक निजी क्लीनिक के बाहर भी मरीजों की भीड़ रही।
रामघाट रोड स्थित मिनाक्षी पुल के पास एक प्राइवेट क्लीनिक पर लगी मरीजों की भीड़।- फोटो : CITY OFFICE
रेलवे रोड बाजार में खरीदारी करने के लिए उमड़ी भीड़।- फोटो : CITY OFFICE