अलीगढ़ स्थित जेएन मेडिकल कॉलेज की इमरजेंसी में बमुश्किल मरीज को भर्ती करने और फिर ऑक्सीजन व वेंटीलेटर न मिलने पर सोमवार देर शाम तीमारदारों ने मेडिकल स्टाफ पर हमला कर दिया।
हमलावरों ने इमरजेंसी में तैनात कैजुअल्टी मेडिकल ऑफिसर (सीएमओ) के सिर में लोहे की रॉड से मारने की कोशिश की। इसके विरोध में डॉक्टर और मेडिकल स्टाफ ने इमरजेंसी में काम ठप कर दिया और हड़ताल पर चले गए।
बाद में पुलिस द्वारा आनन-फानन में मुकदमा दर्ज कर रात में दो नामजद व उनके दो साथियों को गिरफ्तार किया, जिसके बाद डॉक्टर काम पर लौटे।
आरडीए अध्यक्ष डॉ. हमजा मलिक ने बताया कि सोमवार दोपहर जोहराबाद क्षेत्र के कुछ लोग सांस की मरीज हसीना बानो (55) को लेकर इमरजेंसी में आए। उन्होंने मरीज को तुरंत भर्ती करने की मांग की, जबकि महिला की हालत देखकर कहा गया कि इसे वेंटीलेटर की जरूरत है और इस समय वेंटीलेटर खाली नहीं है।
कुछ घंटे तक तो उन लोगों ने प्रतीक्षा की, मगर शाम होते होते लोगों ने हंगामा शुरू कर दिया। इतना ही नहीं उन्होंने मेडिकल स्टाफ पर हमला कर दिया। डॉक्टरों के साथ भी हाथापाई की।
जब कैजुअल्टी मेडिकल ऑफिसर वहां पहुंचे तो हमलावरों ने उनके सिर में लोहे की रॉड से हमला कर दिया। सूचना पर इंस्पेक्टर सीओ तृतीय अनिल समानिया, सिविल लाइंस प्रमेंद्र कुमार पुलिस बल व क्यूआरटी के साथ मौके पर पहुंच गए। तब तक हमलावर भाग चुके थे।
इधर, सीओ तृतीय अनिल समानिया ने बताया कि सिक्योरिटी सुपरवाइजर नासिर पुत्र शहजाद खां ने प्रॉक्टर कार्यालय के जरिए तहरीर भेजी है, जिसमें मरीज हसीना बानो के तीमारदार सुहैल अहमद, जमाल व उनके दो अज्ञात साथियों पर डॉ. संगीता, डॉ. सिद्धार्थ गुप्ता, डॉ. सना अंसारी, डॉ. फैजान अशरफ आदि से गाली-गलौज, हाथापाई करने, ऑक्सीजन सिलेंडर फेंककर मारने, लेडी डॉक्टर की पीपीई किट फाड़ने, इमरजेंसी में उत्पात मचाने, बीच-बचाव में आए सीएमओ इंचार्ज डॉ. नरेश से गाली गलौज व हाथापाई करने आदि आरोप लगाए हैं, जिसके आधार पर मुकदमा दर्ज कर लिया गया है।
इसके साथ ही चार आरोपियों को रात में ही गिरफ्तार कर लिया गया। यह सूचना मिलने पर इमरजेंसी में काम शुरू कर दिया गया है। सीओ तृतीय के अनुसार महिला की इस हंगामे के दौरान मौत होने पर और ज्यादा बात बिगड़ गई।
खाली ऑक्सीजन सिलिंडर लगाने का आरोप
पुलिस द्वारा गिरफ्तार किए गए आरोपियों ने बताया कि जब वेंटीलेटर न होने की बात कही गई थी तो वहां ऑक्सीजन का सिलिंडर लगाने को कहा गया था। ऑक्सीजन सिलिंडर लगाने में ही तीन घंटे का वक्त लगा दिया गया था।
उस पर भी हालत बिगड़ी तो पता चला कि सिलिंडर में ऑक्सीजन ही नहीं है। इसी बात पर विवाद शुरू हुआ था। विवाद व हंगामा शुरू होने के दौरान महिला की मौत हो गई तो तीमारदार और ज्यादा बिफर गए।