जेल नियमावली के अनुसार निरुद्ध बंदी व दोषी को खाने के लिए बर्तन मिलते हैं। हालांकि बर्तनों में चम्मच रखना प्रतिबंधित है। बावजूद इसके चोरी छिपे बंदी चम्मच या उससे मिलता जुलता उत्पाद रख लेते हैं। उसका एक हिस्सा खाने में प्रयोग होता है, जबकि दूसरा हिस्सा पत्थर पर रगडक़र बेहद नुकीला व धारदार बना लिया जाता है। जिसके वार से किसी को भी गंभीर घायल किया जा सकता है। इसके अलावा कई बार प्लेट को दो टुकड़ों में तोडक़र भी इस तरह की छुरी रूपी कट्टन बना ली जाती है। इसके अलावा खाने पीने के उत्पाद वाली बोतलों के ढक्कन के जरिये छोटी कट्टन बना ली जाती है।
2010 के उपद्रव में छिपे मिले थे कट्टन-छुरी
जिला कारागार में हाल फिलहाल तो बंदियों के बीच किसी तरह के झगड़े या एक दूसरे पर हमले की खबर नहीं आई। मगर 2010 में 31 दिसंबर को कारागार में बंदियों के बीच उपद्रव की घटना हुई थी। हालांकि झगड़े की खबर के कुछ देर में ही पुलिस प्रशासन हरकत में आ गया था। पीएसी तक जेल में बुलाई गई। उस समय हुई तलाशी में 200 से अधिक कट्टन व बर्तनों से बनाई गईं छोटी छुरी जमीन में दबी बरामद की गई थीं।