अलीगढ़/गभाना। गभाना के जिरौली मोड़ पर शनिवार की रात पुलिस और पशु तस्करों के बीच हुई मुठभेड़ में मौत का शिकार बनी महिला के शव का रविवार को पोस्टमार्टम किया गया। पोस्टमार्टम के दौरान महिला के शरीर में कोई गोली नहीं मिली। गोली लगने बाद शरीर से पार निकल गई। इससे यह गुत्थी और उलझ गई है कि महिला की मौत पुलिस की गोली से हुई है या फायरिंग के दौरान पशु तस्करों की गोली से हुई है। फिलहाल पोस्टमार्टम के बाद महिला का शव परिजनों को सौंप दिया गया है।
भगवान पुर लोधा की रहने वाली रेनू पुत्री पप्पू उर्फ राम प्रकाश अपने भाई अंकुश (14 वर्ष) को देखने के लिए दिल्ली गई थी। अंकुश अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) में भर्ती है और उसे किडनी की बीमारी है। रेनू दिल्ली से अपने परिचित इसरार के साथ लौट रही थी। रेनू ने अपने गांव के ही एक युवक को फोन किया और बताया कि वह जिरौली मोड़ पर आ गई है। युवक बाइक लेकर रेनू को लेने आ रहा था। जहां रेनू खड़ी थी वहां से कुछ दूरी पर ही बाइक से आए युवक को फायरिंग की आवाज सुनाई दी।
युवक ने रेनू के पास आकर देखा तो उसके सिर में गोली लग चुकी थी और खून बह रहा था। पुलिस ने रेनू को मेडिकल कालेज भेज दिया जहां उसकी मौत हो गई। इस मामले में रेनू के चाचा रविंद्र ने अज्ञात बदमाशों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई है। घटना की सूचना के बाद मौके पर एसपी सिटी डॉ. ब्रजेश सिंह, सीओ देवेंद्र सिंह और एसओ मो. असलम पहुंच गए थे। मृतक महिला रेनू की शादी साढ़े तीन साल पहले खैर क्षेत्र के एक गांव में हुई थी। लेकिन शादी के बाद ससुराल में रेनू के संबंध सामान्य नहीं रहे। इसी के चलते वह अपने मायके रह रही थी।
एसपी सिटी डा. बृजेश सिंह ने कहा है कि इस मामले में पुलिस टीम जांच कर रही है। पोस्टमार्टम करने वाले डाक्टरों से बात की जाएगी जिससे ये पता चल सके कि महिला के सिर में गोली से हुआ घाव किस तरह का है।