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टाइगर ने कहा था, अभी और मारे जाएंगे

Tue, 20 Dec 2016 02:51 AM IST
अमर उजाला ब्यूूराे
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Tiger said, just to be killed - फोटो : Dig Vishal
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पंचायत चुनाव के दौरान गांव में चुनाव प्रचार कर रहे गुड्डू पक्ष के प्रधान प्रत्याशी हीरा सिंह की हत्या के बाद लंबे समय तक फरार रहे नीर प्रकाश उर्फ नीरू टाइगर ने यह ऐलान किया था कि अभी और लोग मारे जाएंगे। 
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नीरू की ओर से गांव में पोस्टर भी चिपकाए गए थे। इसमें सबसे ऊपर गुड्डू का ही नाम था। तब नीरू पर सियासी सरपरस्ती का आरोप गुड्डू पक्ष ने लगाया। बमुश्किल पुलिस दबाव में नीरू     ने अदालत में सरेंडर किया। गुड्डू की हत्या के बाद जाम लगाए बैठे परिजनों व ग्रामीणों का आरोप है कि उसने राजनीतिक सरपरस्तों व पुलिस में पैठ के बल पर जेल से ही गुड्डू को रास्ते से हटवा दिया। 
वोट मांगते समय हुई  थी पहली हत्या
मूल रूप से नगरिया पट्टी चाहरम के गुड्डू पेशे से गुरुसिखरन स्कूल में बेसिक शिक्षक थे। वे धनीपुर ब्लॉक शिक्षक संघ के अध्यक्ष भी थे। वे लंबे अर्से से परिवार सहित क्वार्सी क्षेत्र में एटा चुंगी पर मकान बनाकर रह रहे थे। उनकी पत्नी पिछली बार गांव की प्रधान भी रही थीं। वर्ष 2015 में पंचायत चुनाव के दौरान गुड्डू समर्थित प्रधान प्रत्याशी हीरा सिंह की वोट मांगते समय हत्या कर दी गई थी। तीन माह पूर्व विपक्षी खेमे के तोता राम की छर्रा अड्डा पर हत्या हुई थी, जिसमें गुड्डू व अन्य को नामजद किया गया था।
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समझौता न करने पर गुड्डू को हटाया गया
परिवार की मानें तो हीरा सिंह की हत्या में जेल गए नीरू पक्ष ने हीरा सिंह परिवार को धमकाकर, लालच देकर समझौते का ऑफर भेजा। मगर वह नहीं माने। चूंकि नीरू की हाईकोर्ट से जमानत खारिज हो चुकी है और अदालत में ट्रायल जारी है। नीरू पक्ष के तोताराम की हत्या में नामजद गुड्डू आदि ने पुलिस को यह साक्ष्य दिए कि वह घटना के समय कहीं और थे।
पुलिस को दिए बयान में उनका कहना था कि नीरू पक्ष के ही लोगों ने अपने आदमी तोताराम की हत्या कर दी ताकि हमें फंसाकर समझौता करा सकें। इसकी विवेचना अभी सासनी गेट पुलिस कर रही है। इसमें गुड्डू आदि का बचना भी तय माना जा रहा था। अब गुड्डू व उसके पक्ष के जेल से बच जाने के संकेत मिलते ही नीरू पक्ष ने अपना मुख्य कांटा दूर कर दिया।
गुड्डू पक्ष के बाकी लोग इतने मजबूत नहीं हैं। परिवार का आरोप है कि तोताराम की हत्या होते ही पुलिस ने गुड्डू के पूरे परिवार को उठा लिया था। हम चीखते रह गए कि झूठा फंसाया गया है, मगर पुलिस नहीं मानी। अगर पुलिस इस हत्या को उसी समय खोल देती तो शायद हत्यारों के हौसले बुलंद न होते और बाहर घूम रहे शूटर भी जेल में होते। 
सीसीटीवी में कैद हुई हत्या, बुलेट भी मिले
गुड्डू की हत्या के बाद मौके पर पहुंची पुलिस ने आसपास के सीसीटीवी खंगाले तो एक कैमरे में बाइक सवार हत्यारे गुड्डू को शूट करते हुए कैद हुए हैं। हालांकि तस्वीर बेहद धुंधली हैं। बाइक, कपड़े, हुलिया आदि के आधार पर उन तक पहुंचने की कोशिश में पुलिस जुट गई है। इसके अलावा पुलिस को मौके से 315 बोर के खोखे व बुलेट भी मिले हैं। इन्हें भी पुलिस जांच का हिस्सा मान रही है।
जीटी रोड पर भगदड़, पुलिस भी भागी
जीटी रोड पर इस तरह दिनदहाड़े हत्या और हमलावरों द्वारा ताबड़तोड़ गोलियां बरसाने से इलाके में भगदड़ का माहौल बन गया। लोग मारे दहशत के इधर उधर दौड़ने लगे। जिस वक्त हत्या हुई, उस वक्त डीएवी इंटर कॉलेज के गेट पर टैट की परीक्षा के लिए पुलिसकर्मी सुरक्षा ड्यूटी में लगे थे। गोली चलते ही वह भी स्कूल के अंदर भाग गए। 
पहला हमला गुड्डू की ओर से
वर्ष 2010 में गुड्डू ने जब अपनी पत्नी को प्रधानी का चुनाव जिताया तो गांव के ही रहने वाले गोपी मिल कंपाउंड निवासी डॉ. एके सिंह के परिवार से विरोध के चलते रंजिश शुरू हुई। उसी समय एके सिंह पर हमला हुआ, जिससे वह लंबे समय तक कोमा में चले गए। इसमें गुड्डू नामजद हुए। बाद में अदालत ने साक्ष्यों के अभाव में उनको बरी कर दिया। 
इस बार गुड्डू ने अपने खास हीरा सिंह को प्रत्याशी बनाया तो उसकी हत्या कर दी गई। बाद में उसकी पत्नी को प्रधान बनाया गया। मगर यह रंजिश लगातार सुलगती रही।
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