गांधीपार्क बस स्टैंड से बृहस्पतिवार रात महिला यात्री से अकराबाद क्षेत्र में गैंगरेप की वारदात में 24 घंटे में पुलिस को बड़ी सफलता हाथ लगी। सनसनीखेज वारदात का मुख्य आरोपी ऑटो चालक शुक्रवार देर रात मुठभेड़ में पुलिस के हत्थे चढ़ गया। नानऊ पुल के पास हुई मुठभेड़ में उसके पैर में गोली लगी है। इस दौरान उसके दोनों साथी भागने में सफल रहे, जिनकी तलाश में पुलिस टीमें लगी हुई हैं। वहीं, घायल ऑटो चालक को उपचार के लिए जिला अस्पताल लाया गया है, जहां उससे पूछताछ भी जारी है।
यह घटना बृहस्पतिवार रात की है, जब अकराबाद क्षेत्र की महिला दिल्ली से अपने गांव लौट रही थी, तभी उसके साथ ऑटो चालक व उसके दो साथियों ने गैंगरेप व लूट की वारदात को अंजाम दिया। रात में मिली घटना की खबर पर खुद एसएसपी कलानिधि नैथानी, एसपी देहात शुभम पटेल, सीओ समुन कनौजिया सहित पूरी पुलिस टीम हरकत में आ गई। एसएसपी ने घटनास्थल का मुआयना करने के बाद एसपी देहात व एसपी सिटी की अगुवाई में चार टीमों को गिरफ्तारी व खुलासे के लिए लगाया। इस दौरान पुलिस टीमों ने सबसे पहले गांधीपार्क बस स्टैंड से लेकर धनीपुर मंडी तक के सीसीटीवी देखे। इस दौरान वह ऑटो एक सीसीटीवी में कैद पाया गया, जिसमें सवार होकर महिला गई थी। उसे महिला ने पहचान भी लिया। बस उस सीसीटीवी के नंबर के आधार पर आरोपी चालक को चिह्नित किया गया, जिसकी पहचान रजा नगर क्वार्सी के यूसुफ के रूप में हुई।
पुलिस टीमें उसकी तलाश में लगी थीं। इसी बीच देर शाम मुखबिर के जरिये खबर लगी कि इस वारदात में शामिल यूसुफ व उसके साथी नानऊ पुल पर सवारियों के इंतजार में खड़े हैं। इस सूचना पर पुलिस ने वहां पहुंचकर जब घेराबंदी शुरू की तो आरोपियों की ओर से पुलिस टीम पर फायरिंग की गई। जवाबी फायरिंग में यूसुफ पैर में गोली लगने से जख्मी हो गया, जबकि उसके दो साथी भाग गए। तत्काल यूसुफ को जिला अस्पताल लाया गया। जहां उसका उपचार शुरू हो गया है और पूछताछ जारी है। इस दौरान घटना में प्रयुक्त ऑटो, महिला का सामान बैग सहित व हथियार बरामद हुआ है। पूछताछ में उसने अपने दोनों साथियों के भी नाम बताए हैं, जिनकी सरगर्मी से तलाश जारी है। 24 घंटे में ही सनसनीखेज वारदात का खुलासा करने और मुख्य आरोपी की गिरफ्तारी पर एसएसपी ने पुलिस टीम की पीठ ठोंकी है।
- अकराबाद क्षेत्र में बीती रात हुई महिला संग अपराध की वारदात में पुलिस को 24 घंटे में ही सफलता मिली है। 250 से ज्यादा सीसीटीवी देखने पर आरोपी की पहचान हुई और घेराबंदी के दौरान मुठभेड़ में वह दबोचा गया। चूंकि, वह घायल हुआ है। इसलिए इलाज के लिए भेजा गया है और पूछताछ जारी है।-कलानिधि नैथानी, एसएसपी
होली के बाद से पति रुका था गांव में, बन रहा था मकान
इस घटना की शिकार 35 वर्षीय महिला ने पुलिस पूछताछ में बताया कि वह अपने चार बच्चों व पति संग दिल्ली रहती है। पति वहां टेलरिंग का काम करता है। होली पर पूरा परिवार गांव आया था। उसी समय गांव के मकान के नवनिर्माण पर सहमति बनी। गांव में मकान बनवाने के इरादे से पति गांव में ही रुका हुआ था। खुद बच्चों को लेकर दिल्ली चली गई थी। अब वह जरूरत पर पति को रुपये देने गांव आ रही थी। तभी यह वारदात उसके साथ हुई है। इस वारदात से महिला व उसका पूरा परिवार हिल गया है।
भाड़े पर ऑटो लेकर चलाता था यूसुफ
पुलिस जांच व घायल से हुई अब तक की पूछताछ में उजागर हुआ है कि आरोपी यूसुफ पत्थर बाजार के एक अंकल जी से ऑटो 400 रुपये प्रति रोज के किराये पर लेकर चलाता है। करीब 6 माह पहले एक दोस्त ने उसे यह ऑटो अपनी गारंटी पर दिलवाया था। करीब 24 वर्षीय यूसुफ पांच भाई हैं और खुद एक बच्चे का पिता भी है।
पहले क्वार्सी पर पी शराब, फिर दिया दुष्कर्म की घटना को अंजाम
आरोपी यूसुफ ने स्वीकार किया है कि वह अपना ऑटो अब तक अनूपशहर रोड या रामघाट रोड पर रात में ही चलाता था, क्योंकि रात में वह शहर से बाहर दूर की सवारियां लेकर जाता था और उनसे रात में अच्छा खासा भाड़ा मिल जाता था। रात उसने अपने दोनों दोस्तों संग क्वार्सी चौराहे पर शराब पी और फिर वहां काफी देर तक यात्रियों का इंतजार किया। जब उसे वहां कोई सवारी नहीं मिली तो वह गांधीपार्क बस स्टैंड गया। इसके कुछ देर बाद ही उसे वह महिला यात्री मिल गई, जिसे ले जाते समय रास्ते में तीनों नई उम्र व नशे में होने के कारण उनकी नीयत खराब हो गई और उन्होंने दुष्कर्म व लूट की वारदात को अंजाम दिया।
अक्सर रात में यात्रियों से करते रहे हैं छीना-झपटी
इस दुष्कर्म को जरूर उन्होंने पहली बार अंजाम देने की बात स्वीकारी है। मगर रात में सवारियों को इसी तरह लेकर छोड़ने के दौरान वे यात्रियों से रुपये छीनने जैसी घटनाओं को अंजाम देते रहे हैं। उन घटनाओं को लेकर भी पुलिस पूछताछ कर रही है। कुछ अन्य आपराधिक रिकार्ड भी जुटाया जा रहा है। कई बार जहरखुरानी जैसी घटनाओं की जानकारी भी अभी मिल रही है। जिनके विषय में कुछ सही जानकारी दो अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी पर हो सकेगी।
दोनों साथी भी ऑटो चालक, वारदात में रहते साथ
जो उसके दोनों साथी फरार हैं। उनकी पहचान पुलिस ने गोपनीय रखी है। मगर इतना पता चला है कि वे दोनों ऑटो चालक हैं। तीनों अलग-अलग ऑटो चलाते हैं। मगर रात में किसी भी एक ऑटो पर सवार होकर इसी तरह रुपये लूटने की घटनाएं करते हैं। रात के अंधेरे में यात्री को छोड़कर निकल जाते हैं।
झांसा देकर बैठाते थे किसी भी यात्री को
पूछताछ में साफ हुआ है कि किसी भी यात्री को बैठाने से पहले ऑटो पर एक चालक ही रहता है और आवाज लगाता रहता है। उसके दो साथी अलग घूमते रहते हैं। जैसे ही लगता है कि कोई यात्री आकर ऑटो में बैठ गया है, तभी उसके दो साथी भी यात्री बनकर सवार हो जाते हैं। इस दौरान जब यात्री चलने को कहता है तो उससे कहा जाता है कि एक-दो सवारी आ जाएं तो चल देंगे। जब दोनों साथी आ जाते हैं, तभी ये लोग चल देते हैं और शहर से बाहर निकलने पर एकांत में ही छीना झपटी करते हैं।
शासन तक गूंजी घटना, 250 सीसीटीवी खंगाले
ऑटो सवार महिला यात्री से जीटी रोड पर गैंगरेप व लूट की घटना शासन तक पहुंची। शासन में बैठे अधिकारियों ने इस घटना का विस्तृत ब्योरा लिया। साथ में जरूरी निर्देश दिए। हालांकि रात में ही पुलिस हरकत में आ गई और रात भर पुलिस सोयी नहीं। आधी रात को ही पुलिस ने गांधीपार्क बस स्टैंड खड़े होने के समय व धनीपुर मंडी पर एक यात्री को उताराते समय के सीसीटीवी फुटेज ले लिए। जिनमें यह ऑटो सवार हुआ। इसके बाद दिन भर आरोपी ऑटो चालक की पहचान का प्रयास होता रहा। शाम के समय आरोपी की पहचान हुई। इस पूरी प्रक्रिया में पुलिस की चारों टीमों ने 250 से ज्यादा सीसीटीवी देखे। तब जाकर सफलता हासिल हुई।
दिन भर एक-एक ऑटो के इंजन-चेसिस नंबर देखे पुलिस ने
इस दौरान सुबह तक पुलिस के पास उस ऑटो का नंबर व हुलिया-रंग आदि आ गया था, जिसमें महिला सवार थी। मगर उसके चालक तक पुलिस नहीं पहुंच पा रही थी। इसकी मूल वजह थी कि वह रात में ही चलता था। इस पर पुलिस की टीमों ने अलग-अलग घूमकर क्वार्सी चौराहा, गांधीपार्क बस स्टैंड, एटा चुंगी आदि इलाकों में एक-एक ऑटो के इंजन-चेसिस नंबर चेक किए और उसके चालकों के हुलिया आदि को भी चेक किया। इसी प्रयास में दोपहर बाद आरोपी की पहचान हुई। जिसके बाद आरोपी की घेराबंदी के प्रयास हुए और रात में सफलता मिल गई।