राजस्थान की डींग जेल में कैद कुख्यात शूटर और लुटेरा अरुण फौजी अब जेल से भागने की तैयारी में है। उसने धन का इंतजाम करना शुरू कर दिया है। यह धन वह जिले में रंगदारी कारोबार की मदद से एकत्रित करने में जुटा है। उसके गुर्गे इसी प्लानिंग के तहत रंगदारी वसूलने पर उतर आए हैं। इगलास में एक पनीर कारोबारी से पांच लाख रुपये रंगदारी मांगने वाले अरुण फौजी गिरोह के एक गुर्गा को दो दिन पहले जब गिरफ्तार किया तो उसने फौजी की प्लानिंग का खुलासा किया है।
थाना लोधा क्षेत्र के गांव लौहर्रा निवासी कुख्यात अरुण फौजी को पिछले दिनों राजस्थान में एक मामले में उम्रकैद की सजा सुनाई गई। वह अपने गांव से प्रधान भी है। इस समय फौजी भरतपुर की डींग जेल में बंद है। यह पहला मुकदमा है, जिसमें उसे सजा हुई है। वह लंबे समय से जेल में है और उसका सबसे खास साथी पंकज उर्फ भोला पिछले वर्ष अलीगढ़ में एन्काउंटर में मारा गया। इसलिए वह धन और हथियारों से कमजोर भी है।
यह जुटाने के लिए उसने रंगदारी मंगवाना शुरू कर दिया है। उसने जिले के ग्रामीण इलाकों से रंगदारी वसूली करानी शुरू कर दी है। इसी कड़ी में इगलास के एक पनीर कारोबारी यशपाल सिंह से पांच लाख की रंगदारी मांगी गई। पुलिस ने जब रंगदारी मांगने के मामले में राजमोहन शर्मा निवासी राना थाना गोंडा को पकड़ा तो उसने फौजी की इस सनसनीखेज प्लानिंग का खुलासा किया। राजमोहन डकैती में अरुण फौजी के साथ 11 महीने तक जेल में रहा है। उसने पुलिस को बताया कि अरुण फौजी अब जेल से भागने के लिए रुपये जुटाने में लगा है। वहीं पुलिस की कोशिश है कि उसका नेटवर्क ध्वस्त कर दिया जाए।
एक बार भागा और एक बार कोशिश फेल
अरुण फौजी ने एक बार 2013 में भरतपुर जेल से भागने का प्रयास किया था लेकिन उस समय वह इसमें सफल नहीं हो पाया था। इससे पहले भी वह एक बार पंकज उर्फ भोला की मदद से पेशी पर जाते समय भागा था। भोला को पिछले साल पुलिस ने एक एनकाउंटर में मार गिराया था।
पिछले साल असफल हुई थी कोशिश
राजमोहन ने बताया कि पिछले वर्ष जब अरुण फौजी ने खैर में दो कारोबारियों पर फायरिंग कराकर रंगदारी मांगी थी। उस समय पुलिस के हरकत में आने पर उसके भागने की कोशिश असफल हो गई थी।
कोचिंग संचालक से मांगी पांच लाख की रंगदारी
अब शहर के गूलर रोड निवासी आढ़ती सुमन कुमार अग्रवाल के बेटे अमन अग्रवाल से पांच लाख रुपये की रंगदारी की मांग को लेकर फोन आए। किसी अज्ञात व्यक्ति ने यह फोन किए। अमन शहर में एक कोचिंग इंस्टीट्यूट का संचालन करता है। अमन पर लगातार फोन आने से वह और उसका परिवार दहशतजदां हो गए। यह लोग इस मामले को लेकर मेयर शकुंतला भारती के पास गए तो मेयर ने इस मामले में एसएसपी से बात की। मामला एसएसपी तक पहुंचा तो एसएसपी ने क्वार्सी थाना पुलिस को रिपोर्ट दर्ज कर रंगदारी मांगने वालों का पता लगाने के आदेश दिए हैं। इस बात की आशंका भी जाहिर की जा रही है कि कहीं यह अरुण फौजी गैंग का काम तो नहीं है।
अरुण फौजी को लेकर जो भी इनपुट मिल रहे हैं, उस पर सतर्कता बरती जा रही है। उसके गैंग के स्थानीय सदस्यों को निशाना बनाकर गिरफ्तार कराया जाएगा। भरतपुर पुलिस को भी सतर्कता के लिए कहा जा रहा है।
-राजेश पांडेय एसएसपी