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एडीजे-17 मनोज कुमार सिद्धू के न्यायालय से गैर इरादतन हत्या के आरोपी बुजुर्ग को दस साल कैद व जुर्माने की सजा सुनाई गई है। अकराबाद क्षेत्र के 11 वर्ष पुराने इस हत्याकांड में आरोपी पर शराब पीने के दौरान साथी की नशे में हुए झगड़े में गला दबाकर हत्या कर शव नहर में फेंकने का आरोप है।
अभियोजन पक्ष के अधिवक्ता एडीजीसी सुधांशु अग्रवाल के अनुसार, घटना 18 जुलाई 2011 की है। 19 जुलाई को गांव खेड़ा नारायन सिंह के थान सिंह ने थाने में मुकदमा दर्ज कराया था कि 18 जुलाई की दोपहर उसके छोटे भाई 46 वर्षीय तेजपाल को गांव का लाखन सिंह अपने साथ मछली पकड़ने नहर की ओर बुलाकर ले गया। इसके बाद भाई नहीं लौटा और आरोपी ने कोई संतोषजनक जवाब नहीं दिया।
पुलिस ने जांच के आधार पर आरोपी को गिरफ्तार कर नहर से गांव रामनगर के पास से तेजपाल का शव बरामद किया। मछली पकड़ने के उपकरण व चप्पलें आदि मिलीं। जांच में उजागर हुआ कि दोनों नहर के पास बैठकर शराब पी रहे थे। तभी नशे में झगड़ा हो गया। पहले तेजपाल ने आरोपी के पैर में खुर्पी से प्रहार कर दिया, जिससे उसके चोट आई।
इसी गुस्से में लाखन सिंह ने तेजपाल की गला दबाकर हत्या कर शव नहर में फेंक दिया। न्यायालय ने साक्ष्यों व गवाही के आधार पर आरोपी को गैर इरादतन हत्या का दोषी करार देते हुए दस साल सजा व दस हजार रुपये जुर्माने से दंडित किया है।