सिमी के बाद अब आईएस के स्लीपिंग मॉड्यूल्स के अलीगढ़ में छिपे होने का अंदेशा एजेंसियों को है। यही वजह है कि देश और सूबे की एजेंसियों के रडार पर अलीगढ़ और एएमयू आ गया है।
संकेत मिले हैं कि फिलहाल यूपी एटीएस सहित अन्य एजेंसियों की टीम होशंगाबाद में पकड़े गए तीनों आतंकियों से पूछताछ के लिए गई हैं। वहां से निपटने के बाद कुछ टीमें अलीगढ़ आ सकती हैं।
अलीगढ़ को अक्सर एजेंसियां देश विरोधी ताकतों के मददगारों और आतंकियों की पनाहगाह मानती रही हैं। अलीगढ़ में कई ऐसे घटनाक्रम हुए हैं, जिसकी वजह यह है। चाहे सिमी का गठन हो या यहां आतंकियों के ठहरने का खुलासा रहा हो।
इसके बाद से जब तब एजेंसियों के स्तर से इनपुट या अलर्ट जारी हुआ, तब तब अलीगढ़ को फोकस पर रखा गया। यही कहा गया कि अलीगढ़ का मिश्रित आबादी वाला इलाका या आउटस्कर्ट इनकी पनाहगाह हो सकता है।
कुछ ऐसी ही योजना एजेंसियों के स्तर से तैयार की जा रही है। इस बार भी एजेंसियां यह मानकर काम कर रही हैं कि अलीगढ़ स्लीपिंग मॉड्यूल्स का पनाहगाह हो सकता है। इसके लिए बाकायदा होशंगाबाद में पकड़े गए दोनों आतंकियों से उनके अलीगढ़ कनेक्शन और स्लीपिंग मॉड्यूल्स पर पूछताछ चल रही है।
स्थानीय एजेंसियों व पुलिस अधिकारियों को बस वहां से इनपुट मिलने का इंतजार है। इधर, संकेत यह भी हैं कि एक दो दिन में यहां कई टीमें आ सकती हैं। एटीएस व अन्य एजेंसियों की बात करें तो वह विशेष तौर पर अलीगढ़ को लेकर अलर्ट पर रखी गई हैं। उन्हें किसी भी समय ऑपरेशन में लगाया जा सकता है।