कोतवाली क्षेत्र के गांव में मौसेरे भाई के दुष्कर्म की शिकार मासूम की मौत के बाद पुलिस ने मामले में सह आरोपी मासूम की मौसी की तलाश तेज कर दी है। सर्विलांस के जरिए मौसी की लोकेशन मथुरा-वृंदावन के अलावा राजस्थान में मिली थी जिस पर पुलिस की टीमें संभावित क्षेत्रों में डेरा डाले हुए हैं। पुलिस सूत्रों के अनुसार इस समय आरोपी मौसी ने अपना मोबाइल बंद कर रखा है जिसकी वजह से उसकी गिरफ्तारी में देर हो रही है।
इस समय सह आरोपी मौसी की मां और चारों भाई वृंदावन क्षेत्र में रहते हैं। हाथरस के मुरसान क्षेत्र के निवासी यह लोग साधु बन चुके हैं। सह आरोपी मौसी के एक भाई को पूछताछ के लिए पुलिस ने हिरासत में लिया था। उनसे कुछ समय पहले तक मोबाइल पर आरोपी मौसी संपर्क में थी। उनसे मिली जानकारी पर भी पुलिस ने दबिश दी लेकिन आरोपी नहीं मिली।
इस आरोपी मौसी के साथ उसका 19 वर्षीय बड़ा बेटा और मृत मासूम की 14 वर्षीय बहन है। दुष्कर्म में आरोपी मौसी का 12 वर्षीय छोटा बेटा मथुरा के बाल सुधार गृह में बंद है। सह आरोपी मौसी के पति की करीब 5 साल पहले मौत हो चुकी है। वह घर पर ताला बंद कर फरार है। इगलास कोतवाली प्रभारी लखमी सिंह के अनुसार सर्विलांस के आधार पर टीमें संभावित इलाकों में डटी हैं। जल्द ही सह आरोपी की गिरफ्तारी के साथ मृतका की बड़ी बहन को बरामद किया जाएगा।
मौसी के जाल में फंसी बड़ी बेटी
सादाबाद क्षेत्र निवासी मृत मासूम के पिता ने बताया कि इगलास क्षेत्र निवासी साली के 19 वर्षीय बड़े बेटे की शादी आषाढ़ में पक्की हुई थी। उसके लिए साली का बड़ा बेटा तीन माह पहले चारों बच्चों को अपने साथ अपने गांव बाइक से ले गया था। जिस दिन साली के बड़े बेटे का रिश्ता पक्का हुआ उस दिन वह भी अपने एक पड़ोसी के साथ साली के घर गए थे।
करीब तीन घंटे रुकने के बाद वह लौट आए थे। इसके करीब आठ दिन बाद साली का बड़ा बेटा दोनों बेटों को छोड़ गया लेकिन बेटियां मौसी के यहां ही रहीं। इसके बाद वह बड़ी बेटी से बराबर फोन पर बात करते रहे लेकिन वह कभी नानी तो कभी मौसी को बीमार बताकर आने से मना करती रही। रक्षाबंधन के समय चौदस की रात करीब 9 बजे साली और उसकी दोनों बेटियां घर आईं। पूछने पर बताया कि दाऊजी में बाइक पुलिस ने पकड़ ली थी। इसके बाद किसी तरह वह यहां तक पहुंचीं।
अगली सुबह खाना बना खाकर सभी सो गईं। अपराह्न करीब तीन बजे साली ने बेटियों को अपने साथ ले जाने के लिए कहा, लेकिन उन्होंने मना कर दिया। इस पर साली ने बेटे की होने वाली शादी, उससे पहले घर बनने और तमाम काम की बात कहते हुए बेटियों को साथ ले जाने पर जोर दिया।
बड़ी बेटी ने भी मौसी के घर पर काम अधिक होने की बात कहते हुए एक माह के लिए और मौसी के साथ भेजने पर जोर दिया। इस पर पिता मान गए। पिता के अनुसार 17 सितंबर को भी उन्होंने बड़ी बेटी से बात की थी तो उसने मौसा का श्राद्ध घर पर होने की जानकारी दी थी। सब कुछ सही बताया था। पिता का आरोप है कि छोटी बेटी के साथ मौसेरे भाई के दुष्कर्म को साली बड़ी बेटी से भी छिपाती रही। उसे कभी कमरे तो कभी शौचालय में बंद करके रखा था।
यह था मामला
17 सितंबर को मासूम शौचालय में गंभीर हालत में मिली। उसके कीड़े पड़ गए थे। पुलिस ने उसे जिला अस्पताल भेजा, जहां से जेएन मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया गया। रविवार को जेएन मेडिकल कॉलेज से सफदरजंग अस्पताल दिल्ली भेजा गया जहां उसकी मौत हो गई थी। सोमवार को शव गांव आया था। सोमवार को पूरी रात शव रखकर परिवार ने जाम लगाया था। मासूम की मौत पर हत्या में मुकदमा तरमीम हुआ था।