जवां थाना क्षेत्र के गांव बरई में एक व्यक्ति के नलकूप पर साधु की हत्या कर दी गई है। हत्या धारदार औजार से गला रेतकर की गई है। चर्चा के अनुसार वह झाड़फूंक भी करते थे। दूर-दराज गांवों के लोगों जिनमें महिलाएं भी शामिल हैं उनका आना जाना था। पुलिस अवैध संबंधों के जरिए भी हत्या का क्लू तलाशने में जुटी है।
बरई गांव निवासी सुरेंद्र पुत्र जंगपाल के नलकूप पर यह साधु बाबा रहते थे। करीब 65 वर्षीय साधु को लोग बाबा गोरखनाथ के नाम से जानते हैं। हालांकि वह कहां के रहने वाले थे यह कोई नहीं जानता। बरई से पहले यह महरावल गांव निवासी पूरन सिंह के नलकूप पर रहते थे। पूरन सिंह के यहां से ही उनके लिए दिन में एक बार खाना आता था।
सबसे पहले पूरन सिंह के पुत्र सौरभ ने बाबा की लाश देखी। उसके अनुसार शनिवार को बाबा ने फोन कर टेप बजाने के लिए डेग (स्पीकर) लाने को कहा था। स्पीकर के साथ वह दूध लेकर पहुंचा। आवाज दी उसके बाद नलकूप की छत पर पहुंचा जहां बाबा सोते थे। वहां उनका खून से लथपथ शव पड़ा था। गला काटा गया था। सीओ तृतीय भी मौके पर पहुंचे। एसओ जवां नीरज मलिक के अनुसार धारदार औजार से गर्दन काटी गई है। कई बिंदुओं पर जांच की जा रही है। नलकूप मालिक सुरेंद्र की ओर से हत्या की रिपोर्ट दर्ज कराई गई है।