घर में बच्चा बीमार था। इसलिए वाल्मीकि परिवार ने दबंगों के बुलावे पर सफाई करने जाने से इंकार कर दिया। इसका परिणाम यह रहा कि दबंगों ने घर में घुसकर महिलाओं तक को बेरहमी से पीटा और जब मामला पुलिस तक पहुंचा तो पुलिस भी दबंगों के पक्ष में खड़ी दिखाई दी।
उल्टा यह आरोप मढ़ दिया कि वाल्मीकि पक्ष के युवक ने शराब पीकर उत्पात मचाया था। इसलिए पीट दिया। मगर महिला के पीटे जाने की वजह के सवाल पर पुलिस चुप्पी साध गई।
यह वाकया रविवार दुपहर कोतवाली इलाके के छतारी वाली मसजिद मोहल्ले का है।
यहां मनोज का एक मात्र दलित परिवार अपने चाचा अशोक के घर में रहता है। मनोज के घर में दुपहर में किसी बच्चे की तबियत खराब थी। तभी इलाके का एक युवक घर में गंदगी साफ कराने के लिए मनोज के घर आया। मगर मनोज के परिजनों ने यह कहकर इंकार कर दिया कि अभी वह आने में असमर्थ हैं।
उस समय वह गाली-गलौज करता हुआ चला गया। इसके कुछ देर बाद शाम को फिर आरोपी पक्ष एकत्रित होकर आए और पहले घर में घुसकर महिलाओं से मारपीट की और जब विरोध में मनोज आया तो उसे भी पीटा गया। बचाव में मनोज ने भी मारपीट की।
देर शाम घटना की खबर पर इलाका पुलिस भी पहुंच गई। पुलिस को देख दबंग इधर उधर हो गए। मगर मारपीट के दो आरोपियों को पुलिस थाने ले आई और मनोज पक्ष पीड़ित के अलावा पकड़े गए दो युवकों को भी डॉक्टरी के लिए मलखान सिंह भेजा गया।
साथ में पकड़े गए आरोपियों को छोड़ने व पीड़ित पक्ष को दबाने की कवायद पुलिस स्तर से शुरू कर दी गई। इंस्पेक्टर कोतवाली सूर्यकांत द्विवेदी का कहना है कि मनोज ने पहले शराब पीकर हंगामा काटा था। इस पर उसे कुछ लोगों ने पीट दिया। इसके अलावा और कोई मामला नहीं है।