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5 दिन से लापता इंजीनियर की संदिग्ध हालत में मौत

Wed, 31 Jan 2018 02:05 AM IST
क्राइम न्यूज डेस्क, अमर उजाला अलीगढ़
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कृषि विभाग में सेवारत वरिष्ठ लिपिक के 5 दिन से लापता इंजीनियर बेटे की संदिग्ध हालत में मौत हो गई। मंगलवार दोपहर पुराना आरटीओ कंपाउंड के फ्लैट में अपने दोस्त के कमरे में वह बेहोशी की हालत में मिला और जेएन मेडिकल कॉलेज पहुंचते-पहुंचते उसे मृत घोषित कर दिया गया। परिजनों ने दोस्त और उसके परिजनों पर हत्या का आरोप लगाया है। हालांकि परिजनों की ओर से देर रात समाचार लिखे जाने तक कोई तहरीर नहीं दी गई थी। मगर शव का पोस्टमार्टम कराया जा रहा था। पुलिस की अब तक की जांच में युवक नशे का आदि बताया गया है। बाकी तहरीर व पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई की बात कही जा रही है।
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मूल रूप से गभाना खेमपुर के उमेश कुमार सिंह कृषि फार्म में तैनात हैं और अर्से से परिवार सहित प्रतिभा कॉलोनी बन्नादेवी में रहते हैं। उनका 30 साल का इकलौता बेटा कुलदीप सिंह बीटेक करने के बाद नोएडा की निजी कंपनी में बतौर इंजीनियर कार्यरत था। नवंबर 2017 में उसकी अकराबाद के गांव खान आलमपुर की नमृता से शादी हुई थी। परिजनों के अनुसार 26 जनवरी की सुबह वह घर से अपनी हुंडई वर्ना कार लेकर दोस्त की शादी में जाने की बात कहकर निकल गया। इसके बाद नहीं लौटा। उसका मोबाइल भी बंद हो गया। हालांकि बीच-बीच में वह पत्नी से बात करता रहा। सोमवार देर शाम भी उसने अपनी पत्नी से बात की और कहा कि बाहर है। एक-दो दिन में लौट आएगा। 

इधर, मंगलवार दोपहर कुलदीप के बचपन के मित्र पुराना आरटीओ कैंपस रामघाट निवासी नवीन के ठेकेदार पिता बुद्धपाल सिंह ने कुलदीप के परिजनों को सूचना दी कि कुलदीप उनके घर पर है और उसकी तबियत ज्यादा खराब है। इस सूचना पर परिजन नवीन के दूसरी मंजिल स्थित फ्लैट में पहुंचे और तो पाया कि वह नवीन के कमरे में बैड पर लेटा था और मुंह से झाग निकल रहे थे। तत्काल उसे पहले ट्रामा सेंटर और फिर वहां से मेडिकल कॉलेज ले जाया गया। जहां उसे शाम को मृत घोषित कर दिया।
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इस सूचना पर क्वार्सी पुलिस के अलावा बरौली विधायक ठा.दलवीर सिंह भी मेडिकल कॉलेज पहुंचे। जहां कुलदीप के पिता ने नवीन व उसके परिजनों पर कुछ खिलाकर हत्या का आरोप लगाया। साथ ही कहा कि वह अचानक ट्रॉमा सेंटर से गायब भी हो गए। इसके बाद शव को पोस्टमार्टम ले जाया गया। इंस्पेक्टर क्वार्सी राघवेंद्र सिंह के अनुसार परिजनों ने मौखिक आरोप लगाया है। अभी तहरीर नहीं मिली है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट का भी इंतजार है। तहरीर व पोस्टमार्टम के आधार पर ही कार्रवाई होगी।

कार एक्सीडेंट के बाद  डर से नहीं गया घर, नशा भी किया
पुलिस की अब तक की जांच में जो बातें सामने आई हैं, उस पर गौर करें तो कुलदीप की कार का तीन या चार दिन पहले एक्सीडेंट हो गया था। इस पर कुलदीप ने अपने दोस्त की मदद से कार सारसौल के वर्कशॉप में डाल दी और फिर उसी दोस्त के रामघाट रोड के होटल में यह कहकर रुका कि अगर घर जाएगा तो पापा पिटाई कर सकते हैं। वहां उसने नशा भी किया और कासगंज से नशे का उत्पाद भी लेकर आए। सोमवार देर रात नशा उत्पाद खत्म होने पर वह अपने बचपन के मित्र नवीन के घर पहुंचा। वहां और नशा मांगा। चूंकि वह पहले से नशे में था, इसलिए नवीन ने उसे जैसे-तैसे अपने घर सुला लिया। इसके बाद सुबह उसने चाय भी पी। फिर सो गया। दोपहर में अचानक तबियत बिगड़ गई। इंस्पेक्टर क्वार्सी के अनुसार परिजनों ने यह भी स्वीकारा है कि वह दो बार नशा मुक्ति केंद्र भर्ती करा चुके हैं। अंदेशा है कि कार एक्सीडेंट के डर से वह बाहर रहा और फिर नशा करता रहा।
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