पेटीएम पर फर्जी एकाउंट बनाकर साइबर ठगी करने वाले अंतरराज्यीय गिरोह का एक और सदस्य उन्नाव का रहने वाला शादाब कोर्ट में हाजिर हो गया। उसे न्यायालय ने जेल भेज दिया। उसके जेल जाने के बाद साइबर थाना पुलिस ने रिमांड पर लेने से पहले पूछताछ की है। उसने स्वीकारा है कि वह केवाईसी की आड़ में लोगों के अंगूठे का निशान लेकर उनके नाम पर ठगी करता था। अब तक चार सौ से ज्यादा ऐसे लोगों की केवाईसी कर चुका है।
मामूभांजा की डॉ. पल्लवी संग पिछले वर्ष सितंबर में हुई 1.34 लाख रुपये ठगी के मुकदमे में साइबर थाना पुलिस पूर्व में महराजगंज के कृष्णा नगर निवासी गिरोह के सरगना अफरोज अब्बासी और अमरोहा के आफाक को जेल भेज चुकी है। यह लोग फर्जी सिम के आधार पर पेटीएम एकाउंट बनाते थे। उन्हीं में साइबर ठगी का रुपया अपने पास मंगाते थे। इसी गिरोह के सदस्य के रूप में उन्नाव के शादाब का नाम उजागर हुआ था।
यह फर्जी पेटीएम एकाउंट व फर्जी सिम मुहैया कराने में मददगार था। उसका नाम उजागर होने के बाद पुलिस ने उसकी तलाश में दबिश भी दी। इसी बीच पिछले सप्ताह वह कोर्ट में हाजिर हो गया और न्यायालय ने जेल भेज दिया। इंस्पेक्टर साइबर थाना सुरेंद्र सिंह के अनुसार आरोपी से पूछताछ की गई है, जिसमें उसने स्वीकारा कि वह टूर एंड ट्रैवल का धंधा करता है।
उसके पास लोग केवाईसी कराने आते थे। इसमें वह लोगों के अंगूठा निशानी का फर्जी तरीके से प्रयोग करके फर्जी सिम व पेटीएम एकाउंट बनाता था। अब तक उसने 400 केवाइसी करने की बात स्वीकारी है। पुलिस उसे रिमांड पर लेने की तैयारी है। इससे पहले भी वह एक बार पूछताछ कर सकती है।