क्राइम न्यूज, अमर उजाला, अलीगढ़।
महानगर में जीटी रोड पर कठपुला के पास बुधवार देर रात ट्रक की चपेट में आकर मृत महिला सिपाही के शव को पोस्टमार्टम के बाद उसके परिजन गुरुवार को अपने साथ ले गए। यहां आए परिजनों की मानें तो छुटकी यानि महिला सिपाही रानी यादव दो दिन की छुट्टी लेकर घर आ रही थी। मगर उन्हें क्या पता था कि उसकी लाश साथ लेकर जानी पड़ेगी। इस दौरान परिवार के अधिकांश सदस्यों की आंखों के आंसू थम नहीं पा रहे थे।
यहां आए बड़े भाई चंद्रभान ने बताया कि वह छह भाई-बहनों में चौथे नंबर की थी। इससे बड़े तीन भाई बहनों की शादी हो चुकी थी। अब परिवार इसकी शादी की तैयारियों में जुटा था। पिता की मौत के चलते बड़े भाई पर ही उसकी जिम्मेदारी थी।
वर्ष 2015 में वह अपने ही प्रयासों से यूपी पुलिस में सिपाही के पद पर भर्ती हुई और नोएडा के सेक्टर 39 थाने में उसकी दूसरी पोस्टिंग थी। उसका नोएडा से निकलते समय शाम को फोन आया था कि उसे छुट्टी मिल गई है और दो दिन के लिए घर आ रही है। मगर उसके आने के बजाय देर रात परिवार को उसकी मौत की खबर मिली।
इस सूचना पर मध्य रात ही परिजन यहां पहुंच गए थे और दोपहर में पोस्टमार्टम के बाद शव को अपने साथ ले गए। इधर, इस दुर्घटना के संबंध में रात में ही गिरफ्तार किए गए ट्रक चालक करनपाल निवासी अरनिया बुलंदशहर के खिलाफ बन्नादेवी थाने में चंद्रभान की ओर से मुकदमा दर्ज कराया गया है।
बता दें कि रात महिला सिपाही रानी यादव पुत्री नेम सिंह निवासी अमापुर कासगंज टिर्री में सवार होकर मसूदाबाद से गांधीपार्क बस स्टैंड की ओर जा रही थी, तभी ट्रक ने टिर्री को रौंदा था और पुलिस द्वारा पीछा करने पर ट्रक रेलवे रोड पर तीन दुकानों में घुस गया था।