क्राइम न्यूज, अमर उजाला, अलीगढ़।
दहेज में बाइक व भैंस की मांग पूरी न होने पर ससुरालियों द्वारा बहू को फांसी लगाकर फंदे पर लटकाकर मौत के घाट उतारने के मामले में उम्रकैद की सजा सुनाई गई है। यह फैसला एडीजे-विशेष न्यायाधीश मुकेश कुमार सिंघल के न्यायालय से सुनाया गया है, जिसमें आरोपी पति, सास, ससुर सहित पांच आरोपियों को दोषी करार देते हुए सजा सुनाई गई है।
अभियोजन पक्ष के अनुसार वादी महावीर सिंह निवासी शाहपुर अर्जुनपुर नौशाबाद कासगंज ने 8 मार्च 2016 को गंगीरी में यह मुकदमा दर्ज कराया था कि उसकी बेटी रामा देवी की शादी दो साल पहले नगला बाग गंगीरी निवासी पुष्पेंद्र संग हुई थी।
शादी के कुछ माह बाद ही उसकी बेटी को दहेज में बाइक व भैंस के लिए परेशान किया जाने लगा। 8 मार्च की दोपहर उन्हें सूचना मिली कि उसकी बेटी की हत्या कर दी गई है। इस सूचना पर जब वह मौके पर पहुंचे तो वहां उनकी बेटी घर में फांसी पर मृत अवस्था में झूल रही थी।
ससुराली फरार थे। वहां लोगों से जानकारी में पता चला कि ससुरालियों ने उसे मारकर लटका दिया है। इस मुकदमे में पति, सास, ससुर, ननद, दो चचिया ससुर आदि को नामजद किया गया।
अदालत में चार्जशीट पेश हुई। सत्र परीक्षण के दौरान पति पुष्पेंद्र, ससुर मोहर सिंह, सास भगवानदेवी, चचिया ससुर कुंवरपाल व पप्पू को दोषी करार देकर उम्रकैद व 17-17 हजार रुपये जुर्माने से दंडित किया है।