न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अलीगढ़।
पुलिस भर्ती प्रकरण में आए भ्रष्टाचार के मामले के बाद अब इसमें डाक्टरों की भूमिका को भी जांच के दायरे में लाया गया है। इसके तहत चार डाक्टरों को पूछताछ के लिए नोटिस थमाया है और इन्हें जांच के दायरे में लाया गया है। शनिवार को क्राइम ब्रांच की टीम ने स्थानीय पुलिस के सहयोग से सीएमओ आफिस में छापा मारा। यहां पर सभी डाक्टरों के व्यक्तिगत मोबाइल नंबर जुटाए गए हैं। इनकी सीडीआर (काल डिटेल रिकार्ड ) हासिल किया जा रहा है।
पुलिस के मुताबिक 24 अप्रैल को बोर्ड में शामिल चारों डाक्टरों को पुलिस ने पूछताछ के लिए बुलाने के लिए नोटिस थमाया है। शनिवार को क्राइम ब्रांच की टीम सीएमओ आफिस पहुंची तो वहां पर हड़कंप मच गया। एक लिपिक का नाम लेकर उसे बुलाया गया तो वह भाग गया। डाक्टरों के नंबर। सीओ तृतीय अनिल कुमार समोनिया ने बताया कि सीएमओ कार्यालय के डॉ. अनुपम भास्कर, सचिन वर्मा, डॉ. वीके गुप्ता और डॉ. सुंदर सिंह को नोटिस देकर पूछताछ के लिए बुलाया है। इनके नाम जांच के दायरे में शामिल किए गए हैं।
पुलिस भर्ती में मेडिकल की प्रक्रिया में रिश्वतखोरी का मामला सामने आने के बाद मलखान सिंह जिला अस्पताल के संविदा तकनीशियन (ईएनटी जांच करने वाला) सुशील कुमार निवासी, 42 त्योनधारी रामपुर बघेलान सतना मध्य प्रदेश हाल निवासी विद्या नगर क्वार्सी को गिरफ्तार कर लिया गया था। गोंडा के गांव ढांड़ निवासी कैलाश चंद्र ने उनसे शिकायत की थी कि उनके बेटे विनीत कुमार से मेडिकल फिटनेस के नाम पर 50 हजार रुपये लिए हैं। गिरफ्तारी के बाद आरोपी से 50 हजार रुपये बरामद भी किए गए। पूछताछ में उसने अब तक एक दर्जन लोगों से इस तरह रकम वसूलना स्वीकार किया था।