शहर की अति पिछड़ी और मलिन बस्तियों में से एक भुजपुरा और आसपास के इलाके में जीवन जीने योग्य स्थितियां नहीं रह गई हैं। यहां पर कारखानों आदि से निकलने वाले पानी और गंदगी के चलते भू जल इतना जहरीला हो गया है कि यहां पर रहने वाले लोग जबरदस्त संक्रामक रोगों की चपेट में आ गए हैं।
यह बात गत दिनों यहां पर एक सोसायटी द्वारा लगाए गए स्वास्थ्य परीक्षण में सामने आई। इस परीक्षण में जो परिणाम आए उसे देखकर शिविर के डाक्टर भी हैरत में पड़ गए। सोसायटी के पदाधिकारी अब शिविर में एकत्रित हुए आंकड़ों को सीएमओ के समक्ष रखने की तैयारी कर रहे हैं। प्रयास किए जा रहे हैं कि इस इलाके में जीवन जीने योग्य हालात पैदा किए जाएं।
आसरा वेलफेयर सोसायटी ने भुजपुरा के एसके इंटर कालेज में एक हेल्थ कैंप लगाया। इसमें 1120 लोगों का चेकअप किया गया। जिसमें क्षेत्र की गंभीर स्थिति का पता चला। शिविर तो एक दिन का था और जो मरीज पाए गए उन्हें कुछ फौरी तौर पर दवा दे दी गई, लेकिन इस गंभीर स्थिति से निपटना बिना स्वास्थ्य विभाग की सहायता के संभव नहीं होगा।
सोसायटी की सचिव गुंजन मिश्रा कहती हैं कि लोगों को सलाह दी गई है कि वह स्वयं जितना भी संभव हो, साफ सफाई का ध्यान रखें। जल्द ही स्वास्थ्य विभाग की ओर से यहां पर कैंप किया जाएगा। इस स्थिति को सामने लाने में आसरा वेलफेयर सचिव गुंजन मिश्रा के अलावा अध्यक्ष विकास मित्तल, अदिति मित्तल, नीरज गिरी, मलिक सिंह बाबा फरीद का योगदान रहा।
यह हैं चौंकाने वाले परिणाम
80 फीसदी लोगों को त्वचा संबंधी बीमारी थी
60 फीसदी लोगों को किडनी में पथरी और अन्य दिक्कतें पायी गईं
70 फीसदी लोगों को लीवर समस्या, पाचन संबंधी, संक्रामक रोग
70 फीसदी एनीमिक (खून की कमी) पाए गए, यूरिन इंफेक्शन पाया गया
पाया गया कि अगर परिवार में 10 लोग हैं तो सभी को बीमारी है
यह थी डॉक्टरों की टीम
डॉ. पुनेश चंद्रा, डॉ. गजाला, डॉ. नईम खान, डॉ. मो. शाहिद, डॉ. सरोरा एजाज, कृष्णा, सुचेता मित्तल, मोनू, गोयल, प्रीति