साल के प्रथम छह महीने में संस्थागत प्रसव में भारी गिरावट हुई है। पिछले साल की तुलना में 5198 प्रसव कम हुए हैं। सबसे अधिक गिरावट जनवरी, मई और जून महीने में दर्ज की गई है। जबकि फरवरी और मार्च 2021 में पिछले साल से ज्यादा प्रसव रिकार्ड किया गया है।
2021 और 2020 के शुरू के छह महीनों का तुलनात्मक अध्ययन करने पर पता चलता है कि जनपद में इस वर्ष संस्थागत प्रसव कम हुए है। वर्ष 2020 में जनवरी से जून के बीच 45288 प्रसव हुए थे। 2021 में इसी अवधि में 40090 प्रसव हुआ है। यानी पिछले साल की तुलना में 5198 प्रसव कम हैं। सबसे ज्यादा अंतर जनवरी, मई और जून में देखने को मिल रहा है। इस साल मई एवं जून में कोरोना की दूसरी लहर के कारण कोविड अस्पताल एवं कुछ अन्य अस्पतालों को छोड़कर अधिकतर स्वास्थ्य केंद्र बंद थे। अपर निदेशक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण डॉ. एसके उपाध्याय का कहना है कि कोराना काल में सरकारी एवं निजी चिकित्सालयों में सेवाएं प्रभावित हुई थी। घर से बाहर निकलने पर संक्रमण का खतरा था। इसलिए जन्म दर में गिरावट की बात अभी जल्दबाजी होगी। आने वाले समय में पूरी स्थिति स्पष्ट होगी।
महीना 2020 2021
जनवरी 12943 7279
फरवरी 8527 9486
मार्च 4340 9095
अप्रैल 6464 6027
मई 6501 2919
जून 6513 5284
कुल 45288 40090
इसी अवधि में अलीगढ़ मंडल में 2950 का अंतर
महीना 2020 2021
जनवरी 31675 18176
फरवरी 18109 21892
मार्च 13468 20992
अप्रैल 12894 14859
मई 14090 11493
जून 14965 14839
105201 102251
नोट
मंडल में क्रमश: अलीगढ़, एटा, कासगंज व हाथरस शामिल