कोरोना वायरस के संक्रमण से बचाव के लिए लड़ाई लड़ रहे प्रशासन व शासन के साथ अब बेसिक शिक्षा परिषदीय विभाग व माध्यमिक शिक्षा विभाग के शिक्षक-शिक्षिकाएं भी आ गई हैं। बेसिक व माध्यमिक शिक्षा विभाग के शिक्षक करीब पौने दो करोड़ रुपये मुख्यमंत्री राहत कोष में दान देंगे।
बेसिक के शिक्षक एक करोड़ रुपये से ज्यादा की रकम मुख्यमंत्री व जिलाधिकारी राहत कोष में देने का एलान किया है। इस संबंध में बीएसए को एक-एक दिन का वेतन काटने की अनुमति प्रदान करने के लिए पत्र सौंप दिया गया है। उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ ने 4920 शिक्षकों से एक-एक दिन का वेतन कोरोना वायरस के संक्रमण से लड़ने के लिए मुख्यमंत्री राहत कोष में दान करने की अपील की थी।
इसके बाद दान करने की सहमति पत्र बीएसए को सौंपा गया। संघ के जिला अध्यक्ष कौशलेंद्र सिंह व जिला मंत्री मुकेश कुमार सिंह ने कहा कि इस धनराशि से महामारी से ग्रसित लोगों का बेहतर उपचार हो, इसके लिए सभी शिक्षकों का धन्यवाद ज्ञापित करते हैं। उत्तर प्रदेशीय जूनियर हाईस्कूल शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष मोहम्मद अहमद ने एक दिन का वेतन मुख्यमंत्री राहत कोष में जमा कराने के लिए बीएसए को सहमति पत्र सौंपा है। बीएसए डॉ. लक्ष्मीकांत पांडेय ने कहा कि डीएम के आह्वान पर शिक्षकों से मदद की अपील की गई थी। इसके बाद सभी शिक्षक तैयार हो गए।
बेसिक में करीब छह हजार से ज्यादा शिक्षक हैं। इनके एक दिन के वेतन से करीब सवा करोड़ रुपये होंगे, जो राहत कोष में जमा होगा। उधर, डीआईओएस डॉ. धर्मेंद्र शर्मा ने बताया कि माध्यमिक शिक्षा विभाग के शिक्षक, कर्मचारी संगठन, शर्मा गुट, चंदेल गुट, पांडेय गुट, राजकीय शिक्षक संघ उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षणेत्तर संघ, यूपी एजूकेशनल मिनिस्ट्रीयल आफीसर्स एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने एक दिन का वेतन मुख्यमंत्री राहत कोष में देने का निर्णय लिया है। इन शिक्षकों का एक दिन का वेतन करीब 40 लाख रुपये होगा