फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

कोरोना : निजी अस्पतालों में इलाज की दरें तय

विज्ञापन
कोरोना वायरस। - फोटो : CITY OFFICE
विज्ञापन
अभिषेक शर्मा
विज्ञापन

अलीगढ़। अब सूबे के किसी भी निजी अस्पताल में कोरोना पीड़ितों के साथ इलाज के खर्च के नाम पर मनमानी वसूली नहीं होगी। शासन ने सभी जिलों में कोरोना मरीज के उपचार की दरें निर्धारित कर दी हैं। स्पेशियलिटी के आधार पर प्रदेश के जिलों को तीन श्रेणियों में बांटा गया है। लखनऊ, कानपुर, आगरा, वाराणसी, प्रयागराज, बरेली, गोरखपुर, मेरठ, नोएडा व गाजियाबाद जिले ए श्रेणी में रखे गए हैं। जबकि अलीगढ़, मुरादाबाद, झांसी, सहारनपुर, मथुरा, रामपुर, मिर्जापुर, शाहजहांपुर, अयोध्या, फिरोजाबाद, मुजफ्फरनगर और फर्रुखाबाद जिले बी श्रेणी में हैं। बाकी प्रदेश के सभी शेष जिले सी श्रेणी में रखे हैं।
श्रेणी ए के सुपर स्पेशियलिटी अस्पतालों में उपचार की दरें 10 से 18 हजार रुपये प्रतिदिन तय कर दी हैं। सहायता प्राप्त अस्पतालों में ये दरें 8 से 15 हजार रुपये प्रतिदिन हैं। श्रेणी बी के सुपर स्पेशियलिटी अस्पतालों में यही दरें 20 फीसदी कम और श्रेणी सी के जिलों में 40 फीसदी कम रहेंगी। शासन ने यह निर्णय डॉ. विनोद पॉल समिति की सिफारिशों के आधार पर लिया है। इसके अलावा प्रत्येक अस्पताल में 20 फीसदी बेड सरकारी कर्मियों के लिए आरक्षित रहेंगे। जो अस्पताल आयुष्मान भारत योजना में रजिस्टर्ड हैं, उनमें इस योजना के मरीजों के लिए भी बेड रिजर्व रहेंगे। सभी जिलाधिकारी व चिकित्साधिकारियों को 10 जुलाई को शासनादेश जारी करते हुए अपर मुख्य सचिव अमित मोहन प्रसाद ने कहा कि इस आदेश के उल्लंघन पर एपिडेमिक डिजीज एक्ट 1897 एवं उप्र महामारी कोविड-19 नियमावली 2020 के तहत अस्पताल प्रबंधन पर कार्रवाई की जाएगी।
विज्ञापन

- अब तक उन निजी अस्पतालों में कोरोना इलाज की दरें निर्धारित थीं, जिनको अधिग्रहित किया गया है, या जहां हम मरीज को रेफर कर रहे हैं या जहां आयुष्मान के तहत इलाज हो रहा है। अब सभी निजी अस्पतालों में कोरोना के इलाज की दरें लागू होने संबंधी नया आदेश अभी मिला नहीं है। उसके मिलते ही जिले में लागू कराया जाएगा।
- डॉ.बीपी कल्याणी सीएमओ
इच्छुक अस्पतालों की बन रही सूची
कोरोना संकट के बाद से तमाम निजी अस्पताल शासन से उपचार की अनुमति मांग रहे हैं। परंतु, शासन स्पष्ट कर चुका है कि उनके स्तर से किसी निजी अस्पताल को कोरोना उपचार के लिए अधिसूचित नहीं किया जाएगा। हां, उपचार कर रहे अस्पतालों का संज्ञान जरूर लिया जाएगा। इसके लिए सभी जिलाधिकारियों को आदेश है कि वे इच्छुक अस्पतालों की सूची बनाएं और ये सुनिश्चित करें कि उनमें कोरोना संबंधी सभी गाइडलाइन का पालन किया जा रहा है या नहीं। मसलन स्टाफ को प्रशिक्षण, इंफेक्शन प्रिवेंशन प्रोटोकॉल, एक्टिव एवं पैसिव क्वारंटीन आदि इंतजाम पूरे हैं या नहीं।
विज्ञापन

इस तरह निर्धारित की गईं दर--
श्रेणी अस्पताल कैटेगिरी मध्यम पीड़ित गंभीर पीड़ित अतिगंभीर पीड़ित
ए निजी अस्पताल 10 हजार 15 हजार 18 हजार
ए सहायता प्राप्त 8 हजार 13 हजार 15 हजार
बी दोनों प्रकार के ए श्रेणी का 80 फीसदी ए श्रेणी का 80 फीसदी ए श्रेणी का 80 फीसदी
सी दोनों प्रकार के ए श्रेणी का 60 फीसदी ए श्रेणी का 60 फीसदी ए श्रेणी का 60 फीसदी
--
विशेष: इसमें मध्यम पीड़ित को आईसोलेशन बेड, ऑक्सिजन आदि की सुविधा। गंभीर पीड़ित को वेंटिलेटर रहित आईसीयू की सुविधा और अतिगंभीर पीड़ित को वेंटिलेटर सहित आईसीयू सुविधा प्रतिदिन के खर्च पर देनी होगी।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें