कोरोना का कहर फिर बढ़ना शुरू हो गया है, इसी बीच 20 अप्रैल के बाद से सहालग शुरू हो रहे हैं। इस पर शासन की ओर से गाइड लाइन जारी होने के बाद जिलाधिकारी चंद्रभूषण सिंह ने बताया कि स्थानीय स्तर पर शादी समारोहों के लिए प्रशासन से अनुमति लेनी होगी। पूर्व की भांति मजिस्ट्रेटों को समारोह की निगरानी की जिम्मेदारी सौंपी गई है। नई व्यवस्था का पालन हर हाल में कराया जाएगा।
उन्होंने बताया कि शासन के निर्देश के मुताबिक, किसी भी बंद स्थान हॉल/कमरे की निर्धारित क्षमता का 50 प्रतिशत व एक समय में अधिकतम 100 लोगों की मौजूदगी मान्य रहेगी। खुले स्थान/मैदान पर कुल क्षेत्रफल की 50 प्रतिशत क्षमता तक व एक समय में 200 लोगों की मौजूदगी की अनुमति रहेगी। इस दौरान मास्क, सैनिटाइजर, सोशल डिस्टेंसिंग, थर्मल स्क्रीनिंग, कोविड डेस्क व अन्य कोरोना से बचाव के संसाधनों की मौजूदगी अनिवार्य होगी। मजिस्ट्रेट अपने-अपने इलाके में मैरिज होम्स, लॉज में आयोजित समारोह पर निगाह रखेंगे और कोविड नियमों का पालन हो रहा है या नहीं इसको लेकर निरीक्षण भी करेंगे। कोविड-19 के प्रोटोकॉल का पालन करने के लिए लोगों को प्रेरित करेें। पुलिस अनावश्यक रूप से किसी को परेशान नहीं करेगी।
शादी में बाहरी राज्यों व जिलों से आने वाले रिश्तेदारों की कोरोना जांच जरूरी
अलीगढ़। शादी समारोह के आयोजनों को लेकर डीएम ने निर्देश दिए कि आयोजक यह ध्यान रखें कि अगर उनके यहां कोई रिश्तेदार बाहरी जिलों या राज्यों से आ रहा है तो उनकी कोरोना जांच करना सुनिश्चित कर लें। वैसे तो प्रशासन बार्डर पर ही जांच करा रहा है। इसके बाद भी अगर कोई बॉर्डर पर चेकिंग के दौरान जांच से बच जाता है तो आयोजक की जिम्मेदारी है कि उसकी कोरोना जांच कराएं। साथ ही डीएम ने स्वास्थ्य विभाग को निर्देश दिया कि जांच टीमों का गठन कर दिया जाए। टीमें शादी व अन्य समारोह में औचक कोरोना जांच के लिए पहुंचे। सभी क्षेत्रीय मजिस्ट्रेट को सतर्क करते हुए कहा कि वह अपने-अपने क्षेत्र में होने वाले शादी समारोह पर निगाह रखें।
ये है शासन की गाइड लाइन
शासन की गाइड लाइन के मुताबिक, बंद हॉल, मैरिज होम में शादी समारोह में सिर्फ 100 मेहमानों की मौजूदगी रहेगी। इसके अलावा अगर कोई खुले मैदान या लॉन में शादी करता है तो मैदान की कुल क्षमता के सापेक्ष 50 प्रतिशत लोगों की मौजूदगी एक समय में मान्य होगी। जिला प्रशासन से शादी से पूर्व अनुमति लेनी होगी। यही नियम सामाजिक, धार्मिक, खेल, मनोरंजन, शैक्षिक, सांस्कृतिक आदि कार्यक्रमों पर भी लागू होगा। अग्रिम आदेशों तक जिला प्रशासन इसी नियम के हिसाब से अनुमति प्रदान व चेकिंग की व्यवस्था लागू करेगा।