डामर की मौजूदा कीमत से होगा भुगतान
डामर की कीमतों में वृद्धि से ठेकेदार भी पीछे हट रहे थे। इस मामले में शासन ने उन्हें राहत दी है और एक मई को नया आदेश जारी कर दिया है। इसके अनुसार कार्यदायी संस्था और ठेकेदार को डामर की वर्तमान कीमतों के अनुसार ही भुगतान किया जाएगा, लेकिन समस्या अभी आपूर्ति की है। ऑर्डर देने के आठ दिन बाद आपूर्ति मिल रही है।
दुबई से सस्ता डामर भी नहीं आ रहा
अमेरिका-इस्राइल और ईरान युद्ध से पहले दुबई और अन्य खाड़ी देशों से आयात होने वाला सस्ता डामर भी बाजार में उपलब्ध था, जिससे ठेकेदारों को राहत थी, लेकिन अब आयात पूरी तरह बंद है। बाजार में वीजी-10, वीजी-30 और वीजी-40 जैसे ग्रेड के डामर की कमी है।
कोल्ड इमल्शन की आपूर्ति भी प्रभावित
हरियाणा के पानीपत से आने वाला कोल्ड इमल्शन भी पर्याप्त मात्रा में नहीं पहुंच पा रहा है। सड़क निर्माण में उपयोग होने वाले इस पदार्थ को गर्म करने की आवश्यकता नहीं होती, जिससे यह ठेकेदारों के लिए सुविधाजनक विकल्प माना जाता है। इसकी कमी से भी कई निर्माण व मरम्मत कार्य प्रभावित हुए हैं।