अलीगढ़ के सरकारी अस्पतालों के पानी की टकियों का हाल-बेहाल है। कई टंकियों के ढक्कन टूटे या खुले पड़े थे। कुछ टंकियों में पानी के ऊपर काई जमी थी और कीड़े तैरते दिखाई दिए। एक टंकी में छिपकली भी मिली, जबकि दूसरी टंकी के पास बंदर पानी पीता नजर आया।
एक तरफ अलीगढ़ जिला स्वास्थ्य विभाग ने 9 मार्च को डेंगू, चिकनगुनिया व मलेरिया नियंत्रण को लेकर विशेष कार्यशाला आयोजित की। दूसरी ओर उसी दिन शहर के तीन बड़े सरकारी अस्पतालों में पानी की व्यवस्था पर सवाल खड़े हुए।
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अमर उजाला की पड़ताल में जिला अस्पताल मलखान सिंह, मोहनलाल महिला अस्पताल और दीनदयाल अस्पताल की छतों पर रखी पानी की टंकियां बदहाल मिलीं। कई टंकियों के ढक्कन टूटे या खुले पड़े थे। कुछ टंकियों में पानी के ऊपर काई जमी थी और कीड़े तैरते दिखाई दिए।
एक टंकी में छिपकली भी मिली, जबकि दूसरी टंकी के पास बंदर पानी पीता नजर आया। इन अस्पतालों में रोजाना सैकड़ों मरीज और तीमारदार आते हैं, जिन्हें इसी पानी का उपयोग करना पड़ता है। टंकियों की नियमित सफाई और देखरेख न होने से संक्रमण का खतरा बढ़ सकता है।