बिहारी नगर से आईं देवकी अपनी बेटी के साथ ब्लड बैंक के पास ही पेड़ के नीचे बैठी थीं। तकलीफ पूछने पर देवकी का दर्द छलक गया- बोलीं चार दिन से पथरी का बहुत दर्द हो रहा है। कह देते हैं पहले खून की जांच करवाओ। एक्सरे करवाओ और भी जांच करवाओ, इसके बाद भर्ती करेंगे। पास में बैठी बेटी सरिता अपनी मां को दर्द से परेशान होते हुए देखते रहने को मजबूर है। बोली, अगर पैसा होता तो प्राइवेट में इलाज करा लेते।
सही से चल भी नहीं पा रही थी रानी..व्हीलचेयर तक नहीं मिली
अलीगढ़ के सासनी गेट से आईं वृद्ध महिला रानी घुटने के दर्द से परेशान हैं। वह चल भी नहीं पा रही थीं। वह अपनी बहू मीना के साथ आईं थीं। दवा लेने के बाद परिजन उन्हें ले जाने के लिए व्हीलचेयर तलाश रहे थे मगर पूरे अस्पताल में कहीं नहीं मिली। रानी की बहू मीना ने बताया कि माल गोदाम की ओर गेट तक ई रिक्शा मिलता है। व्हीलचेयर में बैठाकर वहां तक ले जाते। लेकिन नहीं मिलने पर किसी तरह गेट तक पहुंचे।
हम केवल गंभीर मरीजों को ही भर्ती करते हैं। संभव है चिकित्सकों ने मरीज को गंभीर नहीं माना इसीलिए भर्ती नहीं किया होगा। दवा दे दी होगी। अगर किसी के साथ कुछ उपेक्षा हुई है तो उसकी जांच कराई जाएगी। - डॉ. जगबीर सिंह, मुख्य चिकित्सा अधीक्षक, जिला अस्पताल