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दर्द दे रहा जिला अस्पताल: बेबस मरीज, घर वाले लाचार..पेड़ के नीचे पड़े कराह रहे बीमारों को नहीं मिला इलाज

Sat, 12 Apr 2025 02:43 PM IST
चमन शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, अलीगढ़

सार

अमर उजाला की टीम जब अलीगढ़ के मलखान सिंह जिला अस्पताल पहुंची तो बीमार और उनके परिजनों ने रोते हुए अपना दर्द बयां किया। पढ़िए यह रिपोर्ट... 
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मलखान सिंह जिला अस्पताल की इमरजेंसी के बाहर पड़ी बीमार अमीना बेगम, साथ में परिजन - फोटो : संवाद
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विस्तार
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अलीगढ़ में पारा 40 के पार था। दोपहर में झुलसा देने वाली गर्मी थी। एसी भी फेल हो रहे थे। लेकिन जरा इनकी सोचिए जो इलाज कराने के लिए आए थे मगर जिला अस्पताल में भर्ती नहीं किए गए और बाहर पेड़ के नीचे पड़े कराहते रहे। किसी को उसके घर वाले चार दिन से भर्ती कराने के लिए जद्दोजहद कर रहे थे तो किसी के तीन दिन से। इनकी कराह वहां से गुजरने वाले लोगों को तो सुनाई दे रही थी मगर अस्पताल के डाक्टरों को नहीं। अमर उजाला की टीम जब यहां पहुंची तो बीमार और उनके परिजनों ने रोते हुए अपना दर्द बयां किया। पढ़िए यह रिपोर्ट... 

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सीने में दर्द से कराह रहीं थीं अमीना
सिकंदराराऊ से आईं अमीना बेगम के सीने में दर्द था। शुक्रवार की सुबह 8 बजे उनके पति शौकत अली उन्हें लेकर जिला अस्पताल पहुंचे थे। दोपहर तक वह इमरजेंसी के पास पेड़ के नीचे पड़ी रहीं। शौकत ने बताया कि खून की जांच करवाई। एक्सरे करवाया, दिल की जांच करवाई। लेकिन अभी रिपोर्ट नहीं आई। अस्पताल वालों ने शौकत से कहा कि पहले सभी जांच की रिपोर्ट लेकर आओ तब भर्ती करेंगे। दो गोलियों के पत्ते और एक सीरप दे दिया है। यहां भटकते हुए उनके 3500 रुपये भी कहीं गिर गए।

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चार दिन से पथरी के दर्द से तड़प रही है देवकी

बिहारी नगर से आईं देवकी अपनी बेटी के साथ ब्लड बैंक के पास ही पेड़ के नीचे बैठी थीं। तकलीफ पूछने पर देवकी का दर्द छलक गया- बोलीं चार दिन से पथरी का बहुत दर्द हो रहा है। कह देते हैं पहले खून की जांच करवाओ। एक्सरे करवाओ और भी जांच करवाओ, इसके बाद भर्ती करेंगे। पास में बैठी बेटी सरिता अपनी मां को दर्द से परेशान होते हुए देखते रहने को मजबूर है। बोली, अगर पैसा होता तो प्राइवेट में इलाज करा लेते।

सही से चल भी नहीं पा रही थी रानी..व्हीलचेयर तक नहीं मिली
अलीगढ़ के सासनी गेट से आईं वृद्ध महिला रानी घुटने के दर्द से परेशान हैं। वह चल भी नहीं पा रही थीं। वह अपनी बहू मीना के साथ आईं थीं। दवा लेने के बाद परिजन उन्हें ले जाने के लिए व्हीलचेयर तलाश रहे थे मगर पूरे अस्पताल में कहीं नहीं मिली। रानी की बहू मीना ने बताया कि माल गोदाम की ओर गेट तक ई रिक्शा मिलता है। व्हीलचेयर में बैठाकर वहां तक ले जाते। लेकिन नहीं मिलने पर किसी तरह गेट तक पहुंचे।
हम केवल गंभीर मरीजों को ही भर्ती करते हैं। संभव है चिकित्सकों ने मरीज को गंभीर नहीं माना इसीलिए भर्ती नहीं किया होगा। दवा दे दी होगी। अगर किसी के साथ कुछ उपेक्षा हुई है तो उसकी जांच कराई जाएगी। - डॉ. जगबीर सिंह, मुख्य चिकित्सा अधीक्षक, जिला अस्पताल
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