नुमाइश मैदान के जेल रोड की ओर मित्तल गेट के बराबर में एक नया गेट तैयार कर दिया गया है। इसका मकसद गेट से मैदान में रास्ता बनाकर उसके दोनों ओर तहबाजारी क्षेत्र में दुकानें तैयार कर दुकानदारों को देना है। जबकि यहां पर दुकानें पहले कभी भी नहीं लगती थीं। मामला सामने आने के बाद अब प्रशासन ने जांच कराने की बात कही है।
जर्जर दुकानों पर कर दी पुताई
नुमाइश के फौव्वारे से लेकर गांधी चौक तक दाईं ओर की दुकानों को तीन साल पहले जर्जर घोषित कर दिया था। इन दुकानों की मरम्मत तक नहीं हुई है। इनकी छत सरिया तक निकल आया है। प्लास्टर झड़ गया है। छत की खराब हालत को पुताई से छिपाने की कोशिश की गई है। प्रत्येक वर्ष गणतंत्र दिवस के अवसर पर नुमाइश मैदान में बने सरकारी गेस्ट हाउस पर लाइटिंग का काम होता है। इस वर्ष नुमाइश के बिजली ठेकेदार ने गेस्ट हाउस पर झालर ही नहीं डाली। राष्ट्रीय पर्व पर सरकारी इमारत अंधेरे में रही।