मरीजों की परेशानी को देखते हुए अस्पताल के मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. हामिद अली ने अपनी जेब से खर्च कर गाजियाबाद के मोदीनगर में स्थित ईएसआई अस्पताल से कुछ दवाएं मंगवाई हैं। सीएमएस ने बताया कि मरीजों की तकलीफ को समझते हैं, लेकिन बजट की कमी के कारण हमारे हाथ बंधे हैं। मैंने निजी स्तर पर कुछ दवाएं मंगवाकर मरीजों को राहत देने की कोशिश की है, लेकिन यह स्थायी समाधान नहीं है।
चिकित्सक और कर्मचारियों को नहीं मिला चार माह से वेतन
ईएसआई अस्पताल के चिकित्सकों और कर्मचारियों को पिछले चार माह से वेतन नहीं मिला है। अस्पताल के फार्मासिस्ट रजत शर्मा ने बताया कि मार्च माह में आधा वेतन आया था। उसके बाद से वेतन नहीं आया है।
अस्पताल की बदहाल स्थिति और प्रशासन पर सवाल
ईएसआई अस्पताल में दवाओं की कमी के साथ-साथ अन्य संसाधनों का अभाव भी स्पष्ट दिख रहा है। भर्ती मरीजों के लिए बेड और अन्य सुविधाएं भी सीमित हैं। मरीजों का कहना है कि रेफर किए जाने के बाद भी उन्हें अन्य अस्पतालों में समय पर इलाज नहीं मिल पाता, जिससे उनकी परेशानी दोगुनी हो जाती है। खासकर शुगर और हार्ट के मरीजों को दवाओं की कमी से गंभीर स्वास्थ्य जोखिम का सामना करना पड़ रहा है।