1 अगस्त को सुबह 11 बजे अतरौली तहसील के गांव नरौना आकापुर के कंपोजिट स्कूल परिसर में संचालित आंगनबाड़ी केंद्र पर इन बच्चों ने सल्फास को चूरन समझकर चाट लिया था, जिससे उनकी तबीयत बिगड़ गई थी।
चूरन समझकर सल्फास चाटने वाले आठ बच्चों की हालत सुधर रही है। बच्चों को 48 घंटे बाद बिस्किट खिलाया गया। हालांकि, कभी-कभी बच्चों का बीपी कम हो जाता है। वह एएमयू के जेएन मेडिकल कॉलेज में डॉक्टरों की निगरानी में हैं।
विज्ञापन
1 अगस्त को सुबह 11 बजे अतरौली तहसील के गांव नरौना आकापुर के कंपोजिट स्कूल परिसर में संचालित आंगनबाड़ी केंद्र पर इन बच्चों ने सल्फास को चूरन समझकर चाट लिया था, जिससे उनकी तबीयत बिगड़ गई थी। तीन अगस्त को सुबह 11 बजे बच्चों को बिस्किट खिलाया गया। बच्चों को डॉक्टरों ने भोजन देने से मना कर दिया। सभी बच्चे बिस्किट खाने और पानी पीने लगे हैं। इन बच्चों को 26 घंटे तक पानी नहीं पिलाया गया था।
यह भी पढ़ें ... Aligarh News: घर से चूरन समझ कर लाए विषाक्त को आंगनबाड़ी में बच्चों ने खाया, आठ की तबीयत खराब, मेडिकल रेफर
विज्ञापन
सुमन व यश कुमार के पिता प्रेमशंकर ने बताया कि डॉक्टरों ने कहा है कि बच्चों का कभी-कभी ब्लड प्रेशर (बीपी) कम हो जाता है। यश की तबीयत ज्यादा ठीक नहीं है। वह कभी बोलता है तो कभी नहीं बोलता है। नेहा और काव्या के पिता प्रशांत ने बताया कि नेहा के हाथ में सूजन है। उन्होंने कहा कि डॉक्टरों ने फिलहाल बच्चों को भोजन देने से मना कर दिया है। मेडिकल प्रशासन के अनुसार, मेडिकल कॉलेज में डॉक्टरों की निगरानी में बच्चे रहेंगे।
मेडिकल कॉलेज में मुस्कान (3) पुत्री वीरेश, निखिल (4) पुत्र डोरीलाल, राधिका (4) और रोशनी (3) पुत्री सोनू, नेहा (5) और काव्या (4) पुत्री प्रशांत, सुमन (5) और यश कुमार (3) पुत्र प्रेमशंकर का उपचार चल रहा है। सभी बच्चे गांव नरौना आकापुर के रहने वाले हैं।