अलीगढ़ मंडल के ज्यादातर महाविद्यालयों पर गाज गिर सकती है, क्योंकि बार-बार पत्राचार के बाद भी राजा महेंद्र प्रताप सिंह राज्य विश्वविद्यालय (आरएमपीयू) को अभिलेख मुहैया नहीं करा रहे हैं। यदि इन महाविद्यालयों ने 13 जून तक अभिलेख उपलब्ध नहीं कराए तो वह नए शैक्षिक सत्र में किसी भी पाठ्यक्रम में प्रवेश नहीं ले सकेंगे।
अलीगढ़ मंडल के कासगंज, अलीगढ़, हाथरस व एटा के 408 महाविद्यालयों को आरएमपीयू से 15 जून 2021 को संबद्ध कर दिया गया था। इसके बाद आरएमपीयू ने सभी महाविद्यालयों से प्रमाणित अभिलेख मांगे थे। इनमें से ज्यादातर महाविद्यालयों ने अभिलेख मुहैया नहीं कराए, जबकि इस संबंध में कई बार पत्राचार किया गया। अब आरएमपीयू ने इन महाविद्यालयों को अभिलेख मुहैया कराने के लिए आखिरी मौका दिया है। साथ ही, निर्देशित किया है कि अगर प्रमाणित अभिलेख 13 जून की शाम पांच बजे तक मुहैया नहीं कराए गए तो एक जुलाई 2022 से शुरू होने वाले नए शैक्षिक सत्र 2022-23 में किसी भी पाठ्यक्रम में प्रवेश पर रोक लगा दी जाएगी।
आरएमपीयू के कुलसचिव महेश कुमार ने बताया कि चार जनवरी 2022 से अद्यतन यदि किसी महाविद्यालय की संबद्धता, प्रबंध समिति, शिक्षक अनुमोदन आदि के संबंध में कोई पत्र डॉ. बीआर आंबेडकर विश्वविद्यालय आगरा से जारी किया गया है तो वह आरएमपीयू से मान्य नहीं है। कुलसचिव ने आरएमपीयू से संबद्ध महाविद्यालयों को निर्देश जारी करके उनसे संबद्धता संबंधी प्रमाण पत्र मांगा है।
यह है स्थिति
अलीगढ़ मंडल में चार जिले हैं। अलीगढ़ में 148, एटा में 132, हाथरस में 91 व कासगंज में 37 महाविद्यालय हैं।