निजी फाइनेंस कंपनी के एक कलेक्शन एजेंट के साथ 16 अगस्त रात 9 बजे ढाई लाख रुपये की लूट की खबर ने पुलिस में खलबली मचा दी। प्रारंभिक तौर पर जांच के बाद पुलिस घटना को संदिग्ध मान रही है।
थाना प्रभारी निरीक्षक विपिन कुमार ने बताया कि मथुरा जनपद का निवासी मनीष रावत एक निजी फाइनेंस कंपनी के लिए रुपये संकलित करने का काम करता है। 16 अगस्त रात मनीष ने डायल 112 के जरिये पुलिस को सूचना दी कि दो बाइक सवार बदमाश करीब ढाई लाख रुपयों से भरा बैग छीनकर भाग गए हैं।
पुलिस मौके पर पहुंची तो मनीष ने घटना का समय सात बजे बताया, जबकि पुलिस को सूचना दो घंटे बाद दी गई। कंपनी के मंडलीय अधिकारी ने बताया कि 15 अगस्त को इकट्ठे किए गए रुपये भी मनीष ने जमा नहीं किए। पुलिस के अनुसार लगभग दो माह पहले भी मनीष ने लूट की सूचना देकर नगला खेम के एक युवक पर आरोप लगाया था, जिससे बाद में समझौता कर लिया था।
सीओ मो अकमल खान ने बताया कि फाइनेंस कंपनी के अधिकारियों से बातचीत और सूचना देने वाले युवक के पिछले रिकॉर्ड को देखकर प्रथम दृष्टया मामला संदिग्ध प्रतीत हो रहा है। बावजूद इसके जांच पड़ताल की जा रही है।