अपने भाषण में मुख्यमंत्री ने कहा कि लखनऊ में हुई दुखद घटना के दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा। मामले की जांच के लिए वरिष्ठ अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि इस दुखद घटना के कारण उन्हें अपना कार्यक्रम बीच में छोड़कर वापस जाना पड़ रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विकास और विरासत के विजन को आगे बढ़ाना सरकार की प्राथमिकता है। विकास का कोई विकल्प नहीं है और विकास के साथ सुरक्षा तथा नागरिक सुविधाओं का भी विशेष ध्यान रखा जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि प्रदेश में विकास की प्रक्रिया न रुकेगी और न थमेगी।
अलीगढ़ के औद्योगिक विकास का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि शहर ने ताला उद्योग और हार्डवेयर उद्योग के क्षेत्र में अपनी अलग पहचान बनाई है। अब डिफेंस कॉरिडोर के माध्यम से अलीगढ़ देश की रक्षा जरूरतों को पूरा करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। उन्होंने अलीगढ़ के कारीगरों और उद्यमियों का आभार भी व्यक्त किया।
मुख्यमंत्री ने समीक्षा बैठक का हवाला देते हुए कहा कि जिले में तेजी से विकास कार्य हो रहे हैं। पिछले वर्ष लगभग 2800 करोड़ रुपये की परियोजनाओं को स्वीकृति दी गई है। छह लेन हाईवे, रिंग रोड, फ्लाईओवर, अस्पताल और पॉलिटेक्निक जैसी परियोजनाओं पर तेजी से काम चल रहा है। उन्होंने कहा कि डबल इंजन की सरकार विकास कार्यों को युद्धस्तर पर आगे बढ़ा रही है। मुख्यमंत्री ने अलीगढ़ को 462 करोड़ रुपये से अधिक लागत की 85 विकास परियोजनाओं की सौगात भी दी।