घंटाघर स्थित मंदिर श्रीगोविंद भगवान के 11 दिवसीय महोत्सव के तहत बुधवार को तिमंजिला रथयात्रा धूमधाम से निकाली गई। 20 से अधिक मनोहारी झांकियां आकर्षण का केंद्र बनी रहीं। कहीं आरती उतारी गई तो कहीं पुष्पवर्षा कर स्वागत किया गया। रथ का बंबू खींचने के लिए श्रद्धालुओं में होड़ लगी रही। पहली बार रथयात्रा की कमान महिला मंडल के हाथों में रही।
घंटाघर स्थित मंदिर श्रीगोविंद भगवान से रथयात्रा की शुरुआत महाआरती के साथ विधिवत पूजा-अर्चना कर की गई। महाआरती गायत्री देवी एवं कमलेश वार्ष्णेय ने की। शहर के प्रमुख मार्गों से भ्रमण करते हुए रथयात्रा देर रात बागला मार्ग स्थित अक्रूर इंटर कॉलेज पर पहुंची, वहां ठाकुर जी ने विश्राम किया। इस दौरान जोरदार आतिशबाजी का प्रदर्शन किया गया, जबकि चरकुला नृत्य एवं राम दरबार की एलईडी मुख्य आकर्षण का केंद्र रही। देर रात ठाकुरजी माता प्रियाजी के साथ शहर भ्रमण करने के उपरांत घंटाघर अक्रूर चौक स्थित अपने मंदिर गर्भगृह पर आकर विराजमान हो गए। अतिथि आईएएस प्रिंस वार्ष्णेय, सीए शिवांगी वार्ष्णेय, इस्लामनगर से कविता वार्ष्णेय, बीना वार्ष्णेय, वंदना वार्ष्णेय, शशि वार्ष्णेय, मीनू गुप्ता, ममता वार्ष्णेय आदि उपस्थित रहीं। अतिथियों का रथयात्रा महोत्सव अध्यक्ष दीप्ति वार्ष्णेय व उनकी पूरी टीम और मंदिर श्री गोविंद भगवान प्रबंध समिति ने फूलमालाओं से लादकर और पटका पहनाकर स्वागत किया।
यह झांकियां रहीं आकर्षण का केंद्र
रथयात्रा महोत्सव में 20 से अधिक झांकियां शामिल रहीं। इसमें सबसे अधिक आकर्षक श्रीनाथजी स्वरूप बने नन्हे बालक की झांकी रही। इसके अलावा राम मंदिर, केदारनाथ, फिरोजाबाद से आई लाइट वाली झांकी, जयपुर से आया लंगूर बच्चों के मुख्य आकर्षण का केंद्र बना हुआ था। इसके साथ ही नयागंज बाजार में आकर्षक आतिशबाजी ने रथयात्रा में शामिल भक्तों के उमंग व उत्साह को और बढ़ा दिया।
इनका रहा सहयोग
शोभायात्रा में दीप्ति, सीमा, माधुरी, रजनी, प्रीति, अनुपम, अनुराधा, ऋतु, नम्रता, साक्षी, प्रीति वार्ष्णेय, पूजा, डिंपल, आरती, मीनाक्षी, कुसुम, तुलसी रानी, श्वेता, उषा, रितु, भावना, प्रभा, दीपिका, वंदना, समृद्धि, शिखा, सीमा, आशा, कल्पना, मंदिर संरक्षक कृष्णमुरारी वार्ष्णेय, लक्ष्मीकांत सराफ, मेला अध्यक्ष प्रतिनिधि नवीन गुप्ता, अतुल चौधरी आदि अनेक लोग शामिल रहे।