जिले में एक अगस्त से नई सर्किल रेट लागू होने जा रहे हैं। मगर, राहत की बात यह है कि प्रशासन ने लगातार तीसरे साल सर्किल रेटों में कोई इजाफा नहीं किया है। स्टांप चोरी से बचने और जनता को भूमि क्रय करने को प्रोत्साहित करने के लिए ऐसा किया गया है।
हालांकि कई नए मार्गों को व कुछ पुराने समय से सर्किल रेट की सूची से वंचित मार्गों को इस बार सूची में संशोधन कर शामिल किया गया है। इन मार्गों के किनारे जमीन खरीदने पर जनता को जरूर पहले से अधिक जेब ढीली करनी होगी। इसके साथ ही 14 विकासशील गांव को भी चिह्नित कर इस सूची में शामिल किया गया है।
इनमें आबादी या सड़क किनारे की कृषि के लिए एक हजार वर्ग मीटर से कम जमीन खरीदने को सर्किल रेट के हिसाब से दोगुना स्टांप शुल्क वसूला जाएगा। वहीं, देहात क्षेत्र की बात करें तो वहां भी सर्किल रेटों में कोई बढ़ोतरी नहीं की गई है।
इन मार्गों को किया सर्किल रेट की सूची में शामिल
एआईजी स्टांप ज्ञानेंद्र ने बताया कि कुछ विसंगतियों को दूर करते हुए पूर्व में छूटे मार्गों व कुछ नए मार्गों को सूची में शामिल किया गया है। इसके आधार पर असदपुर क्यामपुर मोड़ से ओजोन सिटी वाली रोड को चिह्नित करते हुए उसके किनारे की जमीनों के लिए 13000 प्रति वर्ग मीटर सर्किल रेट प्रस्तावित किए गए हैं। स्वर्ण जयंती नगर से नगला तिकोना की ओर जाने वाले मार्ग के किनारे की जमीनों के लिए 32 हजार रुपये प्रति वर्ग मीटर की सर्किल रेट प्रस्तावित की गई है। वहीं, देहली गेट, खैर रोड से चरखवालान, शाहजमाल, मरघट रोड व रोरावर होते हुए गोंडा तक जाने वाले मार्ग के किनारे की जमीनों के लिए 11 हजार रुपये प्रति वर्ग मीटर की सर्किल रेट प्रस्तावित की गई है। खैर रोड से चरखवालान होते हुए सराय मियां तक जाने वाले मार्ग के किनारे की जमीनों के लिए भी 11 हजार और तहसील तिराहा से जेल फाटक तक के लिए 15 हजार रुपये प्रति वर्ग मीटर की सर्किल रेट प्रस्तावित है। वहीं, शहर के बीचोंबीच स्थित मामू भांजा से मीरीमल प्याऊ से पत्थर बाजार तक 60 हजार रुपये प्रति वर्ग मीटर की सर्किल रेट प्रस्तावित की गई है।
पहली बार हुआ ईंट भट्टों के बैनामों का निर्धारण
एडीएम वित्त एवं राजस्व विधान जायसवाल ने बताया कि जिले में पहली बार ईंट भट्टों की जमीन के लिए बैनामा निर्धारण किया गया है। अब ईंट भट्टा के नाम पर अगर कोई जमीन खरीदी जाती है तो उक्त सर्किल की रेट के आधार पर 50 प्रतिशत शुल्क के स्टांप ही ईंट भट्टे की जमीन के बैनामे के लिए लगाने होंगे।
इन विकासशील गांवों को किया गया है शामिल
भोजपुर, जटपुरा, तालिब नगर, अलहदादपुर, नारौली, भरतरी, करसुआ, ल्हौसरा बिसावन, हाजीपुर चौहट्टा, जतनपुर चिकावटी, इब्राहिमपुर, अजीतपुर आसना, भांकरी खास, खेड़ा खुशखबर।
2017 के बाद नहीं हुआ बदलाव
जिले की जमीनों के सर्किल रेटों में 2017 के बाद कोई बदलाव नहीं हुआ है। 2017 में अलग-अलग सर्किलों में अलग-अलग दरें निर्धारित की गईं थीं।
पॉश इलाके सर्किल रेट प्रति वर्ग मीटर
सेंटर प्वाइंट से मैरिस रोड चौराहा तक 88000
सुरेंद्र नगर 31000
स्वर्ण जयंती नगर 27500
अमीर निशा 42000
लाल डिग्गी 42000
शमशाद मार्केट 42000
हमदर्द नगर 39000
सुरेंद्र नगर 30000
रामघाट रोड (मीनाक्षी पुल से किशनपुर तिराहा तक) 88000
(नोट-सभी सर्किल रेट प्रति वर्ग मीटर में हैं।)